पंजाब में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते युवक की हत्या

पंजाब के मोगा जिले में उमरसिर सिंह की हत्या ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के सवाल उठाए हैं। अज्ञात हमलावरों ने उन्हें 10 से 12 गोलियां चलाईं। पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कांग्रेस नेता ने इसे कानून व्यवस्था की विफलता बताया। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी।
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पंजाब में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते युवक की हत्या

मोगा जिले में हुई हत्या की घटना

पंजाब के मोगा जिले में अज्ञात हमलावरों ने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी है। पुलिस ने शनिवार को इस घटना की जानकारी दी।


पुलिस के अनुसार, उमरसिर सिंह को भिंडर कलां गांव में उस समय निशाना बनाया गया जब वह अपनी कार से काम पर जा रहे थे।


उमरसिर सिंह ने मोगा स्थित नेस्ले संयंत्र में काम किया और हमलावरों ने उन पर 10 से 12 गोलियां चलाईं। पुलिस का मानना है कि इस हत्या के पीछे ग्राम स्तर की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता हो सकती है।


पुलिस ने बताया कि उमरसिर सिंह की उम्र 30 वर्ष से अधिक थी और वह अपने गांव की राजनीति में सक्रिय थे, साथ ही एक मजदूर संघ के नेता भी थे। मोगा के पुलिस उपाधीक्षक जसवरिंदर सिंह ने कहा कि गोलीबारी की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई।


उन्होंने बताया कि हमलावर कार में आए थे और 10 से 12 गोलियां चलाईं। आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है।


पुलिस ने हत्या के मामले में सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस बीच, कांग्रेस के पंजाब इकाई के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने उमरसिर सिंह की हत्या की कड़ी निंदा की और इसे राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने में आम आदमी पार्टी की विफलता का उदाहरण बताया।