पंजाब में परीक्षा पेपर लीक विवाद: AAP सरकार पर विपक्ष का दबाव
पंजाब सरकार की मुश्किलें बढ़ीं
देशभर में परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर चल रही बहस के बीच, आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार एक नए विवाद में उलझ गई है। यह विवाद बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट द्वारा आयोजित 454 फार्मेसी ऑफिसर पदों की भर्ती परीक्षा से संबंधित है। विपक्षी दलों, जैसे कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल, ने आरोप लगाया है कि 2022 से राज्य में भर्ती और बोर्ड परीक्षाओं में पेपर लीक या गड़बड़ी की छह प्रमुख घटनाएं हुई हैं।
मंत्रियों के इस्तीफे की मांग
पिछले हफ्ते NEET पेपर लीक विवाद के चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद, विपक्ष ने पंजाब के स्कूल और उच्च शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह दावा किया है कि उनकी सरकार के कार्यकाल में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ। विपक्षी दलों ने बैंस और अन्य संबंधित मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की है।
शिरोमणि अकाली दल की अपील
शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से अपील की है, जिसमें सरकारी भर्तियों में पेपर लीक और गड़बड़ियों के दस मामलों की जानकारी दी गई। पार्टी ने गवर्नर को बताया कि यह धारणा बन गई है कि AAP सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत से परीक्षा के पेपर लीक हो रहे हैं, और यह एक संगठित आपराधिक नेटवर्क का मामला है।
CBI जांच की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि परीक्षा घोटाले में मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, AAP नेताओं, सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों की भूमिका की CBI से गहन जांच कराई जाए। इसके साथ ही, सभी डिजिटल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, सर्वर, कम्युनिकेशन रिकॉर्ड और परीक्षा से संबंधित दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच की भी मांग की गई है। इसके अलावा, पिछले साढ़े चार वर्षों में विभिन्न राज्य एजेंसियों द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं का व्यापक ऑडिट भी आवश्यक बताया गया है।
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