पंजाब पुलिस ने 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' डॉक्यूमेंट्री पर बैन की मांग की
पंजाब में विवादित डॉक्यूमेंट्री
लॉरेंस ऑफ पंजाब: ओटीटी प्लेटफॉर्म पर वास्तविक गैंगस्टर की जिंदगी पर आधारित कहानियां अक्सर चर्चा का विषय बनती हैं। हाल ही में 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' नामक डॉक्यूमेंट्री को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है। इस सीरीज की रिलीज से पहले ही पंजाब पुलिस ने इसे बैन करने की मांग की है, जिससे यह प्रोजेक्ट सुर्खियों में आ गया है।
यह डॉक्यूमेंट्री 27 अप्रैल को जी5 पर स्ट्रीम होने वाली है, जिसके चलते पंजाब पुलिस ने इसे रोकने की अपील की है। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय से अनुरोध किया है कि इस डॉक्यूमेंट्री को रिलीज होने से रोका जाए। अधिकारियों का कहना है कि यह सीरीज गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की जिंदगी और उससे जुड़े अपराधों को दर्शाती है, जिससे अपराध को बढ़ावा मिलने का खतरा हो सकता है। पुलिस ने चिंता व्यक्त की है कि इस प्रकार का कंटेंट युवाओं को प्रभावित कर सकता है और अपराध को सामान्य और महिमामंडित तरीके से पेश कर सकता है।
कानून व्यवस्था पर प्रभाव
पुलिस का कहना है कि यह डॉक्यूमेंट्री कई हाई-प्रोफाइल मामलों का उल्लेख करती है और इसे नाटकीय तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिसमें प्रसिद्ध पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या भी शामिल है। इससे कानून व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इस मामले में साइबर क्राइम के निदेशक जनरल ने एक आधिकारिक पत्र भेजकर इस मुद्दे को उठाया है और संभावित नुकसानों का उल्लेख किया है।
डॉक्यूमेंट्री पर बैन की मांग
पत्र में यह भी आशंका जताई गई है कि इस प्रकार के कंटेंट से संगठित अपराध के बारे में गलत संदेश जा सकता है। पुलिस ने आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं का हवाला देते हुए प्लेटफॉर्म से अनुरोध किया है कि डॉक्यूमेंट्री को स्ट्रीम न किया जाए और इसके ट्रेलर तक की पहुंच को रोका जाए। अधिकारियों का कहना है कि इंटरनेट आधारित कंटेंट का प्रभाव अधिक होता है, इसलिए इसे नियंत्रित करना आवश्यक है। इस सीरीज से युवा पीढ़ी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, मंत्रालय की ओर से इस मामले में अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
