पंजाब पुलिस ने ISI से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया
संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई गई
पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने एक संयुक्त अभियान में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार, इन मॉड्यूल का लक्ष्य राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का संवेदनशील क्षेत्र जंतर-मंतर था। इस कार्रवाई में पुलिस ने हथियार, पेट्रोल बम और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की है। मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है।
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि सुरक्षा एजेंसियों को इन मॉड्यूल की गतिविधियों की पहले से जानकारी थी। इसके बाद पंजाब के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों के पास से पिस्टल, पेट्रोल बम बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, रेलवे ट्रैक से जुड़े एक पोल पर लगाया गया कैमरा भी जांच के दायरे में है। अधिकारियों को आशंका है कि इसका उपयोग संवेदनशील गतिविधियों की निगरानी या रेकी के लिए किया गया हो सकता है। हालांकि, इसकी भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि मॉड्यूल का उद्देश्य महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी करना और माहौल बिगाड़ने की साजिश रचना हो सकता है। हालांकि, जांच अभी जारी है और अधिकारियों ने मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि होने तक किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की बात कही है।
घटना के बाद पंजाब और दिल्ली सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस, खुफिया एजेंसियां और अन्य सुरक्षा बल लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। सार्वजनिक स्थानों, रेलवे प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों की निगरानी भी कड़ी कर दी गई है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि या वस्तु दिखाई दे तो तुरंत स्थानीय पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसी को इसकी सूचना दें। साथ ही, अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की भी सलाह दी गई है।
फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि संदिग्धों के संपर्क किन लोगों से थे, उन्हें कथित तौर पर किस प्रकार का समर्थन मिल रहा था और क्या इस नेटवर्क का संबंध किसी बड़े आतंकी तंत्र से है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे षड्यंत्र और उसके संभावित उद्देश्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
