न्यूमेरोलॉजी में एक विशेष अंक को वफादारी का प्रतीक माना जाता है। जिन लड़कियों का मूलांक और भाग्यांक 2 होता है, वे अपने साथी के प्रति अत्यंत वफादार होती हैं और हमेशा उनका साथ देती हैं। एक भरोसेमंद साथी पाना और उसका साथ निभाना एक बड़ी सौगात होती है। अंक शास्त्र में इस अंक का उल्लेख किया गया है, जो यह दर्शाता है कि ये लड़कियां अपने प्रेमी या पति के प्रति गहरी भावनाएँ रखती हैं और हर परिस्थिति में उनका साथ देती हैं।
मूलांक और भाग्यांक की गणना कैसे करें?
मूलांक किसी व्यक्ति की जन्मतिथि का योग होता है। वहीं, भाग्यांक जन्म तिथि, महीने और वर्ष का योग होता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति का जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो उसका मूलांक 2 होगा। यदि किसी का जन्म 29 मार्च 1999 को हुआ है, तो भाग्यांक निकालने के लिए तारीख, महीने और वर्ष को जोड़ा जाएगा। तारीख 29 (2+9=11, 1+1=2), महीना 3, और वर्ष 1999 (1+9+9+9=28, 2+8=10, 1+0=1) को जोड़ने पर 2+3+1=6 प्राप्त होगा। इस प्रकार, 29.3.1999 को जन्मे व्यक्ति का भाग्यांक 6 होगा।
मूलांक 2 वाली लड़कियों की वफादारी
मूलांक 2 और भाग्यांक 2 वाली लड़कियाँ अत्यंत वफादार होती हैं। वे हर परिस्थिति में अपने साथी का साथ देती हैं और कठिन समय में भी उनका साथ नहीं छोड़तीं। इसलिए, इन्हें बेहतरीन पार्टनर की श्रेणी में रखा जा सकता है।
चंद्रमा का प्रभाव और स्वभाव
अंक 2 का स्वामी चंद्रमा है। चंद्रमा के प्रभाव से ये लड़कियाँ भावुक और संवेदनशील होती हैं। वे अपने साथी से गहरा प्यार करती हैं और धोखा सहन नहीं कर पातीं। ये मासूम होती हैं और इन्हें आसानी से कोई भी बेवकूफ बना सकता है, जिसके कारण ये प्यार में धोखा भी खा जाती हैं।
सर्वश्रेष्ठ संगति के लिए उपयुक्त नंबर
मूलांक 2 या भाग्यांक 2 वाली लड़कियों के लिए 1, 3, 5, 6 और 7 नंबर वाले लड़के अच्छे साथी साबित होते हैं। इनके साथ इनकी संगति अच्छी रहती है और जीवन सुखद होता है। अपने साथी का चयन करते समय, उनका मूलांक और भाग्यांक भी देखना चाहिए।
