नेपाल के विदेश मंत्री का भारत दौरा: संबंधों में सुधार की कोशिश

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने हाल ही में भारत का दौरा किया, जहां उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने नेपाल-भारत संबंधों को सुधारने की दिशा में सकारात्मक संकेत दिए और सीमा विवाद को सुलझाने के लिए राजनयिक प्रयासों पर जोर दिया। इस दौरे का महत्व बढ़ गया है, खासकर जब नेपाल के प्रधानमंत्री ने हाल ही में विवादास्पद बयान दिए थे। जानें इस दौरे के पीछे की रणनीति और दोनों देशों के बीच संबंधों की स्थिति।
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नेपाल के विदेश मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने हाल ही में नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रदर्शन पर सवालों का सामना किया। एक पत्रकार ने बिना पार्टी का नाम लिए यह पूछा कि नेपाल में जेन जी द्वारा किए गए बड़े आंदोलन के बाद आपकी पार्टी सत्ता में आई थी।


कूटनीतिक जवाब

इस सवाल का उत्तर देते हुए खनाल ने कूटनीतिक समझदारी दिखाई। उन्होंने कहा, "पिछले साल सितंबर में नेपाल में एक बड़ा आंदोलन हुआ था, जिसके कारण हम सत्ता में आए। लेकिन भारत में चल रहे आंदोलन पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। मुझे भारत-नेपाल के संबंधों पर बात करने में अधिक खुशी होगी।"


नई सरकार का विकास पर जोर

खनाल ने आगे कहा कि नेपाल का मुख्य उद्देश्य भारत के साथ सीमा विवाद को राजनयिक तरीके से सुलझाना है। उनका मानना है कि यदि दोनों देश खुले दिल से बातचीत करें, तो कोई भी चुनौती पार की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि काठमांडू की नई सरकार भारत को किसी नकारात्मक दृष्टिकोण से नहीं देखना चाहती, बल्कि दोनों देशों के विकास के लिए एक मजबूत साझेदारी को बढ़ावा देना चाहती है।


महत्वपूर्ण दौरा

शिशिर खनाल की तीन दिनों की आधिकारिक यात्रा के दौरान उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा की। यह दौरा खासतौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि हाल ही में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने भारत-नेपाल सीमा विवाद पर तीखे बयान दिए थे, जिससे दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ गया था। इस तनाव के बीच खनाल का दौरा और उनके शांतिपूर्ण बयान दोनों देशों के बिगड़ते रिश्तों को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।