नीतीश कुमार को मिलेगी Z+ सुरक्षा, इस्तीफे की तैयारी में
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही अपने पद से इस्तीफा देने वाले हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा में कोई कमी नहीं आएगी। दरअसल, बिहार गृह विभाग की विशेष शाखा ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसके तहत नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
आदेश का विवरण
यह आदेश बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट-2000 के अंतर्गत जारी किया गया है। गृह विभाग ने पुलिस महानिदेशक (DGP) और स्पेशल ब्रांच को निर्देश दिया है कि नीतीश कुमार को उच्चतम स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
आदेश की मुख्य बातें:
- नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले हैं।
- मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भी उन्हें Z+ सुरक्षा कवर मिलेगा।
- वर्तमान में उन्हें SSG (स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप) सुरक्षा प्राप्त है, इस्तीफे के बाद Z+ सुरक्षा के साथ यह जारी रहेगी।
- सुरक्षा की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया है।
राज्यसभा सदस्यता की प्रक्रिया
सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार 10 अप्रैल के आसपास राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। इसके बाद वे बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देकर पूरी तरह राज्यसभा सांसद बन जाएंगे।
Z+ सुरक्षा का महत्व
नीतीश कुमार बिहार की राजनीति के सबसे अनुभवी और प्रभावशाली नेताओं में से एक माने जाते हैं। लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने के कारण उन पर कई बार जानलेवा हमले की कोशिशें हो चुकी हैं। सुरक्षा एजेंसियां उनकी सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क हैं। Z+ श्रेणी में CRPF कमांडो, पायलट वाहन, एस्कॉर्ट वाहन और सख्त प्रोटोकॉल शामिल होता है।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब बिहार में सत्ता परिवर्तन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। BJP और JDU के बीच नई समीकरणों की अटकलें भी बढ़ गई हैं।
अधिकारिक घोषणा का इंतजार
नीतीश कुमार ने अभी तक इस्तीफे की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन सुरक्षा संबंधी अधिसूचना से यह स्पष्ट है कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद छोड़ने की योजना बना रहे हैं।
राजनीतिक चर्चाएं
अपडेट: गृह विभाग का यह आदेश जारी होने के बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। नीतीश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
