पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी अपने विधायक पद से त्यागपत्र दिया। हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद, वे अब दिल्ली की राजनीति में नई शुरुआत करेंगे। नीतीश कुमार के इस निर्णय से बिहार में नेतृत्व में बदलाव की संभावना बढ़ गई है। उनके इस्तीफे के बाद नए मुख्यमंत्री के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नीतीश कुमार का यह कदम राज्य की राजनीतिक संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।
नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर
नीतीश कुमार ने 1985 में हरनौत विधानसभा सीट से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद, 1989 में वे नौवीं लोकसभा के सदस्य बने। 2006 से वे लगातार विधान परिषद के सदस्य रहे हैं। अब वे पहली बार राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी नई पारी शुरू करने जा रहे हैं।
इस्तीफे से पहले की बैठक
इस्तीफे से पहले रविवार शाम को पटना में मुख्यमंत्री आवास पर जदयू के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक हुई। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, विजय कुमार चौधरी और अशोक चौधरी जैसे प्रमुख नेता शामिल हुए। इस दौरान भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की गई।
MLC पद से इस्तीफा स्वीकार किया गया
बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की और उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। अब इसकी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उनके जाने से बिहार में एक शोक की लहर है। आज बिहार को विकसित राज्यों में गिना जा रहा है।
नितिन नवीन का राजनीतिक सफर
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी है। वे 2006 से बांकीपुर सीट (पटना) का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के कारण, अब वे राज्य की राजनीति से केंद्र की ओर बढ़ रहे हैं। बांकीपुर सीट पर उपचुनाव की संभावना है। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार और अन्य निर्वाचित प्रतिनिधि 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे।
