निर्वाचन आयोग ने अमर्त्य सेन को सुनवाई में उपस्थित होने से किया मुक्त

निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि अमर्त्य सेन को सुनवाई में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है। यह निर्णय वर्तनी में त्रुटियों के कारण लिया गया है, जिसे स्थानीय स्तर पर हल किया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने आयोग द्वारा सेन को नोटिस भेजने का दावा किया, लेकिन सेन के परिवार ने इसे खारिज किया। आयोग ने यह भी कहा कि ऐसी तकनीकी त्रुटियां मतदाता की पात्रता को प्रभावित नहीं करती हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
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निर्वाचन आयोग ने अमर्त्य सेन को सुनवाई में उपस्थित होने से किया मुक्त

निर्वाचन आयोग का स्पष्टीकरण

निर्वाचन आयोग (ईसी) ने मंगलवार को यह स्पष्ट किया कि नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को सुनवाई में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी, जिसमें बताया गया कि सेन को मतदाता सूची में उनके नाम की वर्तनी में त्रुटियों के कारण बुलाया गया था।


स्थानीय स्तर पर होगा समाधान

अधिकारी ने कहा कि बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) को मतदाताओं के नामों में वर्तनी की गलतियों को सुधारने का अधिकार है। इसलिए, अर्थशास्त्री के मामले में सुधार को स्थानीय प्रशासन द्वारा ही निपटाया जाएगा।


तृणमूल कांग्रेस का दावा

तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने आज यह दावा किया कि निर्वाचन आयोग ने सेन को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सुनवाई का नोटिस भेजा है। हालांकि, सेन के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उन्हें आयोग से अभी तक कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है।


वर्तनी संबंधी भ्रम

अधिकारी ने कहा कि वर्तनी में जो भ्रम उत्पन्न हुआ है, वह पूरी तरह से तकनीकी है और इसका मतदाता की पात्रता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अनावश्यक विवादों से बचने के लिए ऐसे मामलों को प्रशासनिक स्तर पर ही सुलझाएं।


मतदाता अधिकारों की सुरक्षा

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाताओं के नामों में छोटी-मोटी त्रुटियां सुनवाई प्रक्रिया या मतदाता के अधिकारों को प्रभावित नहीं करती हैं। अधिकारियों को तकनीकी मुद्दों पर सार्वजनिक विवाद उत्पन्न करने से बचने की चेतावनी दी गई है।