नासिक में भोंदू बाबा मामले में कांग्रेस नेता के गंभीर आरोप

नासिक में भोंदू बाबा अशोक खरात के मामले ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया है कि खरात के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संबंध थे और वह उन्हें पत्नियों के साथ संबंध बनाने की सलाह देता था। इस मामले में कई प्रभावशाली लोगों की पत्नियों के खरात के कार्यालय जाने का भी दावा किया गया है। वडेट्टीवार ने कहा कि इस मामले में शामिल सभी व्यक्तियों की जांच होनी चाहिए। राजस्व मंत्री ने वडेट्टीवार को सबूत पेश करने की चुनौती दी है।
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नासिक में भोंदू बाबा मामले में कांग्रेस नेता के गंभीर आरोप gyanhigyan

भोंदू बाबा का मामला और कांग्रेस का आरोप

नासिक में भोंदू बाबा मामले में कांग्रेस नेता के गंभीर आरोप


नासिक में 'भोंदू बाबा' अशोक खरात के मामले ने राज्य में हड़कंप मचा दिया है। कांग्रेस के नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया है कि खरात के कुछ वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ संबंध थे। उन्होंने यह भी कहा कि खरात इन अधिकारियों को एक-दूसरे की पत्नियों के साथ संबंध बनाने की सलाह देता था। इन गंभीर आरोपों के बाद समाज में आक्रोश बढ़ गया है और मामले की गहन जांच की मांग उठ रही है।


वडेट्टीवार ने बताया कि खरात के मोबाइल में कई लोगों के नाम कोड वर्ड में सेव थे, जो यह दर्शाता है कि वह काले धन को सफेद करने का काम करता था। उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल सभी व्यक्तियों की जांच होनी चाहिए। केवल कुछ लोगों पर कार्रवाई कर मामले को खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि जिन 49 विधायकों की तस्वीरें खरात के साथ आई हैं, उनकी भी जांच होनी चाहिए।


एक और गंभीर पहलू यह है कि कई सरकारी अधिकारी अपने परिवार के साथ खरात के पास जाते थे। कुछ मामलों में, पतियों ने अपनी पत्नियों को खरात के पास भेजने का आरोप लगाया है। वडेट्टीवार ने कहा कि ऐसे लोगों को भी दोषी माना जाना चाहिए और उनके खिलाफ अंधश्रद्धा विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए.


वीडियो सबूत और सरकार की कार्रवाई

वडेट्टीवार ने यह भी दावा किया कि कई प्रभावशाली लोगों की पत्नियां खरात के कार्यालय जाती थीं, जबकि उनके पति बाहर इंतजार करते थे। हालांकि, उन्होंने अंदर की गतिविधियों पर ठोस सबूत न होने के कारण टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने बताया कि खरात के कार्यालय से जब्त पेनड्राइव में लगभग 1000 वीडियो हैं, जिनमें से केवल 150 वीडियो ही सार्वजनिक किए गए हैं।


महाराष्ट्र की छवि पर असर


वडेट्टीवार ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह महाराष्ट्र की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब तक संबंधित अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने में असफल रही है। उन्होंने दोहराया कि इस मामले में शामिल सभी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इन आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना है।


राजस्व मंत्री की प्रतिक्रिया

‘सबूत दें वडेट्टीवार’


राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने वडेट्टीवार को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि वडेट्टीवार केवल बयानबाजी कर रहे हैं और यदि उनके पास ठोस सबूत हैं, तो उन्हें औपचारिक शिकायत दर्ज करानी चाहिए। बावनकुले ने कहा कि उन्होंने एक अधिकारी से संबंधित ट्वीट देखा है, लेकिन केवल मीडिया में बयान देकर सनसनी फैलाने से कुछ हासिल नहीं होगा।