नासिक में ज्योतिषी अशोक खरात का दुष्कर्म मामला: नए खुलासे और राजनीतिक विवाद
नासिक के ज्योतिषी अशोक खरात से जुड़े दुष्कर्म मामले ने देशभर में हलचल मचा दी है। इस प्रकरण में नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जिससे न केवल अपराध की गंभीरता बढ़ी है, बल्कि इसके राजनीतिक और सामाजिक पहलुओं पर भी चर्चा हो रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने 150 से अधिक महिलाओं का शोषण किया। इस मामले में कई नेताओं के नाम भी सामने आ रहे हैं, जिससे यह मामला और भी जटिल होता जा रहा है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और इसके पीछे के रहस्य।
| Mar 31, 2026, 14:57 IST
नासिक में अशोक खरात का मामला
नासिक के एक कथित ज्योतिषी अशोक खरात से जुड़े दुष्कर्म मामले ने देशभर में हलचल मचा दी है। इस प्रकरण में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जिससे न केवल अपराध की गंभीरता बढ़ी है, बल्कि इसके राजनीतिक और सामाजिक पहलुओं पर भी चर्चा हो रही है।
पुलिस हिरासत और जांच की स्थिति
स्थानीय मजिस्ट्रेट कोर्ट ने रविवार को अशोक खरात की पुलिस हिरासत को 1 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। जांच अधिकारियों ने अदालत को सूचित किया कि मामले की जांच अभी भी जारी है और जब्त किए गए मोबाइल फोन की क्लोन कॉपी का विश्लेषण होना बाकी है। इसके लिए डिजिटल विशेषज्ञों की आवश्यकता है और यह प्रक्रिया आरोपी की उपस्थिति में ही पूरी की जाएगी। बताया गया है कि विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने राज्य फोरेंसिक प्रयोगशाला से मोबाइल डेटा की क्लोन कॉपी प्राप्त कर ली है। अब तक आरोपी के खिलाफ 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से 8 मामले दुष्कर्म से संबंधित हैं।
जांच में सहयोग की कमी
इस बीच, सहायक सरकारी वकील शैलेंद्र बागाडे ने अदालत में कहा कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि आरोपी ने कई महत्वपूर्ण संपर्कों के नंबर फर्जी नामों से सेव कर रखे हैं, जिससे जांच में बाधा उत्पन्न हो रही है। जांच एजेंसियां आरोपी की चल और अचल संपत्तियों की भी जांच कर रही हैं।
महिलाओं का शोषण
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी महिलाओं को नशीला पदार्थ देकर उनका शोषण करता था। एक पीड़िता ने बताया कि उसे पीने के लिए खारा और कड़वा पानी दिया गया, जिसके बाद उसे चक्कर आने लगे और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। एसआईटी अब इस बात की जांच कर रही है कि उस पानी में क्या मिलाया गया था और इसका स्रोत क्या था। इसके अलावा, यह भी पता चला है कि आरोपी महिलाओं को मिठाई या पेय पदार्थ में नशीला तत्व मिलाकर उन्हें बेहोश या सम्मोहित करता था।
अंधविश्वास का सहारा
आरोपी महिलाओं को अंधविश्वास और तथाकथित धार्मिक प्रक्रियाओं के नाम पर अपने जाल में फंसाता था। इंटरनेट पर उपलब्ध विभिन्न खबरों के अनुसार, वह महिलाओं को यह विश्वास दिलाता था कि उनकी समस्याओं का कारण शारीरिक और आध्यात्मिक अशुद्धि है, जिसे दूर करने के लिए विशेष प्रक्रिया करनी होगी। इसी बहाने वह कथित रूप से योनि शुद्धिकरण जैसी भ्रामक प्रक्रिया का हवाला देता था।
महिलाओं की संख्या और सबूत
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी ने 150 से अधिक महिलाओं का शोषण किया हो सकता है। पुलिस ने आरोपी के कार्यालय से लैपटॉप और मोबाइल जब्त किए हैं, जिनसे कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। उसके बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है और संपत्तियों को सील कर दिया गया है।
अश्लील वीडियो का मामला
इस मामले में एक और चिंताजनक पहलू सामने आया है। आरोपी से जुड़े कथित अश्लील वीडियो और फोटो इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं। कुछ प्लेटफार्म पर इन वीडियो को बेचने की कोशिश की जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ सोशल मीडिया मंचों पर इन वीडियो के पैकेज सैकड़ों रुपये में बेचे जा रहे हैं। हालांकि, जांच में यह भी सामने आया है कि कई वीडियो कृत्रिम तकनीक से बनाए गए हो सकते हैं।
राजनीतिक विवाद
यह मामला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है। कई नेताओं ने आरोप लगाया है कि आरोपी के संबंध प्रभावशाली लोगों से थे, जिससे वह लंबे समय तक बचता रहा। इस मामले में एनसीपी नेता रूपाली चाकणकर का नाम भी सामने आया है। हालांकि, एसआईटी ने इस पर टिप्पणी करने से इंकार किया है।
सामाजिक और कानूनी प्रश्न
यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और दोषियों को सजा।
निष्कर्ष
अशोक खरात मामला देश में महिला सुरक्षा, डिजिटल अपराध और राजनीतिक संरक्षण जैसे मुद्दों को एक साथ सामने लाता है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, नए खुलासे इस केस को और जटिल बना रहे हैं। अब सभी की नजरें एसआईटी की जांच और अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।
