नासिक में TCS BPO यौन शोषण मामले में नए खुलासे
नए खुलासे और जांच की प्रगति
जांच एजेंसियों ने नासिक में स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) BPO से जुड़े यौन शोषण और धार्मिक दबाव के मामले में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। ये जानकारी मुख्य आरोपी निदा खान की अग्रिम ज़मानत याचिका का विरोध करते हुए सामने आई है, जो अभी भी लापता है। विशेष सरकारी वकील अजय मिसर ने सोमवार को नासिक कोर्ट में 'इन-कैमरा' सुनवाई के दौरान बताया कि जांचकर्ताओं को इस मामले में कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। उन्होंने कहा कि खान से हिरासत में पूछताछ करना आवश्यक है ताकि आगे की जांच की जा सके।
शिकायतों में गंभीर आरोप
देवलाली पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायतों में से एक में, एक महिला ने खान पर उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। उसने अपने सहकर्मी दानिश शेख पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का भी आरोप लगाया है। एक अन्य आरोपी तौसीफ अत्तार पर भी यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि खान ने उसका नाम बदलकर 'हानिया' रख दिया और उसे मलेशिया में नौकरी दिलाने का वादा किया, जबकि वह उसे धर्म परिवर्तन के लिए लगातार प्रेरित करता रहा।
धार्मिक दबाव और प्रशिक्षण
विशेष जांच टीम के अनुसार, खान ने शिकायतकर्ता को उसके घर पर नमाज़ पढ़ने और हिजाब पहनने का प्रशिक्षण भी दिया। इसके अलावा, खान ने शिकायतकर्ता के मोबाइल पर इस्लामिक एप्लिकेशन इंस्टॉल किए और धार्मिक सामग्री साझा की। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि वह अनुसूचित जाति समुदाय से है, जिसके चलते पुलिस ने SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधान लागू किए।
कोर्ट का निर्णय
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के.जी. जोशी की बेंच ने सोमवार को निदा खान की अग्रिम ज़मानत याचिका पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। उन्हें गिरफ्तारी से पहले कोई राहत नहीं दी गई है। इस निर्णय की घोषणा इस हफ्ते बाद में, 2 मई को की जा सकती है।
