नासिक टीसीएस बीपीओ में धर्मांतरण और उत्पीड़न के आरोपों में नए खुलासे

महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस बीपीओ में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में एचआर हेड निदा खान पर गंभीर आरोप लगे हैं। उनके सहकर्मी उन्हें 'दबंग मैम' कहते थे, और उन पर महिला कर्मचारियों को इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार कपड़े पहनने के लिए मजबूर करने का आरोप है। इस मामले में पीड़ितों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है, और निदा खान ने कोर्ट में बेल के लिए आवेदन किया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
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नासिक टीसीएस बीपीओ में धर्मांतरण और उत्पीड़न के आरोपों में नए खुलासे gyanhigyan

नासिक टीसीएस मामला: एचआर हेड निदा खान पर गंभीर आरोप

नासिक टीसीएस बीपीओ में धर्मांतरण और उत्पीड़न के आरोपों में नए खुलासे


महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस बीपीओ में धर्मांतरण के मामले में एचआर प्रमुख निदा खान के बारे में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें ऑफिस में 'दबंग मैम' के नाम से जाना जाता था।


इस मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं, जिसमें निदा खान की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनके सहकर्मी उन्हें इस नाम से बुलाते थे, और उनका ऑफिस में इतना प्रभाव था कि सभी उनसे डरते थे।


एफआईआर में दर्ज आरोपों के अनुसार, निदा खान की जिम्मेदारियाँ केवल एचआर तक सीमित नहीं थीं। उन्हें अक्सर उन टीम लीडर्स के साथ देखा जाता था, जो महिला कर्मचारियों को इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार कपड़े पहनने के लिए निर्देशित करते थे।


निदा खान का दबाव और बुर्का पहनने की सलाह

कुछ पीड़ित महिलाओं का कहना है कि यह केवल सलाह नहीं थी, बल्कि उन पर दबाव डाला जाता था। एक महिला ने बताया कि खान उन्हें बुर्का पहनने का तरीका भी सिखाती थीं। इस मामले में एचआर विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।


पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक के अनुसार, एचआर विभाग की एक महिला अधिकारी ने एक पीड़ित को शिकायत दर्ज कराने से रोका और कहा कि ऐसी बातें होती रहती हैं। इसी रवैये के कारण कई मामलों में कोई कार्रवाई नहीं की गई।


आरोपों की गंभीरता

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने एक वाट्सएप ग्रुप बनाया था, जिसका उपयोग कर्मचारियों को निशाना बनाने के लिए किया जाता था। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि निदा खान भी इस ग्रुप की सदस्य थीं। एफआईआर के अनुसार, कई मामलों में कर्मचारियों पर नमाज पढ़ने और धार्मिक प्रतीकों को अपनाने के लिए दबाव डाला गया।


निदा खान की कोर्ट में पेशी

हाल ही में, निदा खान ने नासिक कोर्ट में एंटीसिपेटरी बेल के लिए आवेदन किया है। उनकी अर्जी पर कल सुनवाई होने की संभावना है। प्रॉसिक्यूटर का कहना है कि वह एक मास्टरमाइंड हैं, जिन्होंने पीड़ितों को धार्मिक रीति-रिवाजों के लिए मजबूर करने में सक्रिय भूमिका निभाई।


पीड़ितों की संख्या में वृद्धि

पहचानी गई पीड़ितों की संख्या अब 12 हो गई है, जबकि 9 महिलाओं ने औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज कराई है। इसके अलावा, एसआईटी ने तीन और पीड़ितों की पहचान की है, जिनकी पुलिस काउंसलिंग कर रही है। एसआईटी अभी जब्त किए गए डिजिटल सबूतों का विश्लेषण कर रही है, जिसमें WhatsApp ग्रुप चैट और नासिक फैसिलिटी से CCTV फुटेज शामिल हैं।