नागालैंड में असम राइफल्स पर IED हमला: एक की मौत, चार घायल
नागालैंड में संदिग्ध IED धमाका
नागालैंड के सुखोवी क्षेत्र में असम राइफल्स की एक गाड़ी को निशाना बनाते हुए संदिग्ध IED विस्फोट हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई और चार अन्य घायल हुए। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा ऑपरेशन चलाया जा रहा है और आगे की जानकारी का इंतज़ार किया जा रहा है। यह घटना पूर्वोत्तर में असम राइफल्स पर एक हफ्ते के भीतर होने वाला दूसरा हमला है।
6 जुलाई को मणिपुर के उखरुल जिले में संदिग्ध उग्रवादियों ने एक काफिले पर घात लगाकर हमला किया था, जिसमें असम राइफल्स की 40वीं बटालियन के दो जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद काफी देर तक गोलीबारी हुई और सुरक्षा बलों ने इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया। मारे गए जवानों की पहचान वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और राइफलमैन सीएम सिंह के रूप में हुई है। सीएम सिंह काफिले की एक गाड़ी चला रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, इस घात लगाकर किए गए हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हुए थे और इलाज के बावजूद उनकी मृत्यु हो गई।
असम राइफल्स की सुरक्षा भूमिका
असम राइफल्स, जो भारत का सबसे पुराना अर्धसैनिक बल है, दशकों से पूर्वोत्तर में सुरक्षा अभियानों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। यह बल भारत-म्यांमार सीमा की सुरक्षा, उग्रवाद-विरोधी अभियानों और क्षेत्र में आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पूर्वोत्तर में इसकी बड़ी तैनाती के कारण, असम राइफल्स के जवान अक्सर सक्रिय उग्रवादी समूहों के निशाने पर रहते हैं। पिछले साल नवंबर में, मणिपुर के तेंगनौपाल जिले में गश्त कर रही एक टीम पर उग्रवादियों ने गोलीबारी की थी, जिसमें चार जवान घायल हुए थे। यह हमला नियमित गश्त के दौरान सैबोल गांव के पास हुआ था। यह घटना मणिपुर के चंदेल जिले में असम राइफल्स के जवानों द्वारा एक मुठभेड़ में 10 संदिग्ध उग्रवादियों को मार गिराने के कुछ महीनों बाद हुई।
