नवीन पटनायक ने 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के खिलाफ सांसदों से की अपील

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सांसदों से 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक का विरोध करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक राज्य के हितों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे ओडिशा की लोकसभा सीटें घट जाएंगी। पटनायक ने सभी सांसदों से एकजुट होकर इस मुद्दे पर आवाज उठाने का आग्रह किया। इसके साथ ही, उन्होंने महिला आरक्षण के संबंध में 106वें संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन भी किया। जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे के बारे में और क्या कहा पटनायक ने।
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नवीन पटनायक ने 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के खिलाफ सांसदों से की अपील gyanhigyan

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री की चेतावनी

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने गुरुवार को राज्य के सांसदों से 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक का संसद में और बाहर विरोध करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक जनसंख्या नियंत्रण करने वाले राज्यों को नुकसान पहुंचा सकता है। पटनायक ने X पर एक पोस्ट में बताया कि यदि यह विधेयक लागू होता है, तो ओडिशा की लोकसभा सीटें 3.9% से घटकर 3.4% हो जाएंगी, जिसे उन्होंने एक गंभीर नुकसान बताया।


सभी सांसदों से एकजुटता की अपील

पटनायक ने ओडिशा के सभी सांसदों से, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से हों, अपील की कि वे संसद में और बाहर 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि यह विधेयक ओडिशा की गरिमा, प्रतिनिधित्व और दीर्घकालिक हितों को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने सभी से मिलकर राज्य के हितों की रक्षा करने और वास्तविक सुधारों का समर्थन करने की अपील की।


लोकसभा में सीटों की कमी का खतरा

पटनायक ने चेतावनी दी कि यदि यह विधेयक लागू होता है, तो ओडिशा की लोकसभा सीटें 3.9% से घटकर 3.4% हो जाएंगी, जिससे राज्य शीर्ष 6 राज्यों में शामिल हो जाएगा जो अपनी सीटें खो देंगे। उन्होंने कहा कि 0.5% सीटों का नुकसान बहुत बड़ा है, जो राज्य की आवाज को कमजोर करेगा। यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि संविधान में निहित संघीय भावना को संरक्षित करने का भी मामला है।


महिला आरक्षण का समर्थन

इसके अतिरिक्त, पटनायक ने स्पष्ट किया कि बीजेडी 2023 के 106वें संविधान संशोधन विधेयक का महिला आरक्षण के संदर्भ में पूर्ण समर्थन करती है। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं में महिला आरक्षण को बढ़ावा देने के लिए अपने परिवार के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने का विचार आवश्यक और प्रगतिशील है।