धोखाधड़ी का शिकार हुआ दूल्हा, शादी के बाद दुल्हन हुई फरार
शादी का सपना और धोखाधड़ी का सच
हर लड़के का सपना होता है कि वह शादी करे, और इसके लिए वह कई साल पहले से ही योजना बनाना शुरू कर देता है। लेकिन कुछ लोगों की किस्मत में शादी नहीं होती, और उन्हें सही साथी की तलाश में भटकना पड़ता है। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के गोरमी क्षेत्र में रहने वाले सोनू जैन भी ऐसे ही एक व्यक्ति थे। वे दिव्यांग हैं, जिससे उनकी शादी में कई बाधाएं आ रही थीं।
एक दिन सोनू की मुलाकात ग्वालियर के उदल खटीक से हुई, जिसने उसे आश्वासन दिया कि वह उसकी शादी करवा देगा। हालांकि, इसके लिए उसने एक लाख रुपये की मांग की। सोनू, जो अकेले और उदास था, ने शादी के लालच में 90 हजार रुपये देकर दुल्हन का सौदा कर लिया।
कुछ समय बाद, उदल खटीक अनीता रत्नाकर नाम की महिला को लेकर सोनू के घर आया। उसके साथ अरुण खटीक और जितेंद्र रत्नाकर भी थे, जिन्होंने अनीता को अपना भाई बताया। दोनों परिवारों के बीच बातचीत के बाद शादी तय हो गई। कुछ दिनों बाद, सोनू और अनीता की शादी परिवार की उपस्थिति में संपन्न हुई।
शादी के बाद, अनीता ने अपनी तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर छत पर सोने चली गई। आधी रात को जब सोनू और उसके परिवार ने देखा कि दुल्हन गायब है, तो वे घबरा गए और उसकी तलाश करने लगे। अनीता छत से कूदकर भागने की कोशिश कर रही थी, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
सोनू ने गोरमी थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उदल खटीक, जितेंद्र रत्नाकर, अरुण खटीक और अनीता रत्नाकर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। सोनू को अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि जिस लड़की से उसने शादी की थी, वह धोखेबाज निकली।
सोनू की तरह कई लोग ऐसे धोखाधड़ी के शिकार बनते हैं। यदि आप भी शादी के लिए पैसे दे रहे हैं, तो सतर्क रहें। किसी अनजान लड़की से शादी करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी लें। थोड़ी सी भी शंका होने पर शादी के लिए हाँ न कहें। लड़की के परिवार की भी अच्छी तरह से जांच करें। आपकी एक गलती आपको भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
