धान खरीदी तिहार: किसानों के लिए राहत और खुशियों का अवसर
धान खरीदी तिहार का महत्व
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी तिहार किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बन गया है। राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना के तहत, किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीद की जा रही है। यह पहल किसानों को आर्थिक सहायता और आत्मविश्वास प्रदान कर रही है, जिससे उनकी मेहनत का उचित मूल्य समय पर मिल रहा है।
किसानों के चेहरे पर संतोष और विश्वास की झलक देखने को मिल रही है, क्योंकि मौसम की अनिश्चितताओं के बावजूद उन्हें उनकी फसल का सही मूल्य मिल रहा है। सभी धान उपार्जन केंद्रों पर खरीदी की प्रक्रिया को तेज, सुव्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जा रहा है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन प्रणाली, सरल प्रक्रिया और समय पर भुगतान ने किसानों को असुविधा से मुक्त किया है। डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास को बढ़ा रहा है।
धान उपार्जन केंद्र पेंड्री में किसान नरेश रात्रे ने 30.80 क्विंटल धान बेचा। उन्होंने बताया कि जब उपज का उचित मूल्य समय पर मिलता है, तो किसान का मनोबल बढ़ता है। केंद्र में नमी परीक्षण, तौल और टोकन वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है।
किसान रात्रे ने 'तुंहर टोकन' मोबाइल ऐप की प्रशंसा की, जिसने भीड़ और लंबी कतारों की समस्या को समाप्त कर दिया है। घर बैठे ऑनलाइन टोकन बुक करने से धान की खरीदी सुगमता से हो रही है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था किसानों की मेहनत को सही सम्मान देती है। धान उपार्जन केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को सम्मानजनक वातावरण मिल रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी केंद्रों की निरंतर निगरानी की जा रही है। बेहतर प्रबंधन और प्रशासनिक सक्रियता के कारण राज्य में धान खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता और गति के साथ संपन्न हो रहा है, जिससे किसानों में संतोष और विश्वास का माहौल बना है।
