धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा में 'मन की बात' कार्यक्रम का आनंद लिया

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के नालामा गांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का 133वां संस्करण सुना। इस दौरान, पीएम मोदी ने देश के वैज्ञानिकों की उपलब्धियों और आगामी जनगणना 2027 में नागरिकों की भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रधान ने इस अनुभव को गर्व का पल बताया और भारत की ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर भी चर्चा की। जानें इस कार्यक्रम में और क्या खास बातें हुईं।
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धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा में 'मन की बात' कार्यक्रम का आनंद लिया gyanhigyan

प्रधानमंत्री मोदी का 133वां 'मन की बात' कार्यक्रम

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को ओडिशा के अंगुल जिले के अपने पैतृक गांव नालामा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 133वां संस्करण सुना। इस अवसर पर गांव के लोग और पार्टी के कार्यकर्ता भी उपस्थित थे। पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की, जिसमें देश के वैज्ञानिकों की उपलब्धियों और आगामी 'जनगणना 2027' में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।


धर्मेंद्र प्रधान का अनुभव

धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अपने गांव में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ 'मन की बात' सुनना उनके लिए गर्व का क्षण था। उन्होंने लिखा, "हमारे वैज्ञानिकों की परमाणु कार्यक्रम में सफलता, गणित में हमारी बेटियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन और भारतीय पनीर की वैश्विक लोकप्रियता के बारे में जानकर मुझे गर्व महसूस हुआ।"


पीएम मोदी की महत्वपूर्ण बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में भारत की ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए दो महत्वपूर्ण उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कलपक्कम में स्वदेशी फास्ट ब्रीडर रिएक्टर द्वारा 'क्रिटिकैलिटी' हासिल करने को ऐतिहासिक बताया और पवन ऊर्जा में भारत की चौथे स्थान पर पहुंचने की प्रशंसा की।