धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: कॉकरोच जनता पार्टी की मांगें और प्रतिक्रिया

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने मुआवजे और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अभिजीत दिपके ने कहा कि यह इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि यदि लोग डरते नहीं हैं, तो किसी का भी इस्तीफा लिया जा सकता है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और कॉकरोच जनता पार्टी की अन्य मांगें।
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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और कॉकरोच जनता पार्टी की प्रतिक्रिया

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिस पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि यदि लोग डरते नहीं हैं और सरकार के सामने झुकते नहीं हैं, तो किसी का भी इस्तीफा लिया जा सकता है। दिपके ने यह भी कहा कि डरने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया है, लेकिन उनकी पार्टी की दो और मांगें हैं।


दिपके ने कहा कि आत्महत्या करने वाले बच्चों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए। इसके साथ ही, 20 तारीख को जिन पुलिस अधिकारियों ने गुंडों जैसा व्यवहार किया, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया झुकती है, लेकिन झुकाने वाला चाहिए।


केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा, जब देशभर में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी था। प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने इस्तीफे की जानकारी दी और कहा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं ने उन्हें दुखी किया है।


उन्होंने कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है और उन्होंने हमेशा जिम्मेदारी ली है। प्रधान ने लिखा कि जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, उससे राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में नहीं उलझना चाहिए और उन्हें अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।


कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था, जिसमें प्रधान का इस्तीफा उनकी प्रमुख मांगों में से एक था।