धर्म और स्वदेशी वस्तुओं के महत्व पर केंद्रीय मंत्री का संदेश

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर्नाटक में एक समारोह में धर्म और मानवता की सेवा को पूजा बताया। उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग की अपील की और कहा कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। चौहान ने सभी से राष्ट्रहित में एकजुट होने का आग्रह किया और किसानों के मुद्दों पर भी चर्चा की। उनका मानना है कि भारत विश्व को शांति का मार्ग दिखा सकता है।
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धर्म और स्वदेशी वस्तुओं के महत्व पर केंद्रीय मंत्री का संदेश

धर्म और मानवता की सेवा

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा ही असली पूजा है। उन्होंने यह बात कर्नाटक के मैसूर में श्री सुत्तूर मठ में डॉ. शिवरात्रि राजेंद्र महास्वामीजी की 110वीं जयंती समारोह के दौरान कही।


चौहान ने देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों के उपयोग की अपील की, यह कहते हुए कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हर नागरिक को संकल्प लेना चाहिए कि वे अपने दैनिक जीवन में केवल उन वस्तुओं का उपयोग करेंगे, जो भारत में निर्मित हैं। यह आवश्यक है, क्योंकि इससे हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुझे विश्वास है कि लोग इस दिशा में एक नया इतिहास बनाएंगे।"


सामाजिक एकता की आवश्यकता

सिंह ने कहा कि शिवरात्रि राजेंद्र महास्वामी के मार्गदर्शन में सुत्तुर मठ मानवता की सेवा का प्रतीक बन गया है। उन्होंने सभी से राष्ट्रहित में एकजुट होने की अपील की, यह बताते हुए कि राजनीतिक मतभेद होते हैं, लेकिन राष्ट्रहित के मुद्दों पर सभी को एकजुट होना चाहिए।


उन्होंने यह भी कहा कि कुछ देश अधिनायकवादी व्यवहार कर रहे हैं, जो वैश्विक संकट का कारण बन रहा है।


भारत की भूमिका

चौहान ने कहा, "अगर कोई विश्व मानवता को शाश्वत शांति का मार्ग दिखा सकता है, तो वह भारत है। इसलिए यह आवश्यक है कि हमारा देश मजबूत बने और दुनिया को दिशा देने का प्रयास करे।"


कृषि के मुद्दे

किसानों के संदर्भ में, चौहान ने कहा, "हमारी कोशिश है कि कृषि में उपज बढ़े, लागत घटे और उपज के उचित दाम मिले। यदि नुकसान होता है, तो उसकी भरपाई होनी चाहिए, लेकिन कृषि का विविधीकरण भी अत्यंत आवश्यक है।"