धनतेरस पर खरीदारी के लिए जानें क्या न खरीदें
धनतेरस का महत्व
धनतेरस, जो दिवाली से पहले आता है, हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और नई चीजें खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।
धनतेरस पर किन चीजों से बचें
हालांकि, क्या आप जानते हैं कि धनतेरस पर कुछ चीजें खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन चीजों को घर लाना अशुभ माना जाता है। आइए जानते हैं ऐसी 5 चीजों के बारे में।
1. लोहे की चीजें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन लोहे की वस्तुएं खरीदने से बचना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र में लोहे का संबंध शनि देव से माना जाता है। इस दिन लोहे की चीजें घर लाने से आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।
2. काले रंग की चीजें
धनतेरस को शुभ और मांगलिक अवसर माना जाता है। इस दिन काले रंग की वस्तुएं खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं में काले रंग को नकारात्मकता और अशुभता से जोड़ा जाता है।
3. धारदार चीजें
धनतेरस के दिन चाकू, कैंची, ब्लेड और अन्य धारदार चीजें खरीदना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इन वस्तुओं को घर लाने से परिवार में तनाव और विवाद बढ़ सकते हैं।
4. खाली बर्तन
धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा काफी पुरानी है, लेकिन नए बर्तन को खाली घर नहीं लाना चाहिए। बर्तन खरीदने के बाद उसमें पानी, चावल या कोई अन्य शुभ सामग्री रखकर घर लाने की परंपरा है।
5. टूटी-फूटी चीजें
धनतेरस पर खरीदारी करते समय ध्यान रखें कि कोई भी टूटी, चटकी या खराब वस्तु घर न लाएं। धार्मिक मान्यताओं में ऐसी चीजों को अशुभ माना जाता है। इस दिन हमेशा साफ-सुथरी और अच्छी स्थिति वाली वस्तुएं ही खरीदनी चाहिए।
धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ?
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, धनतेरस पर इन चीजों की खरीदारी शुभ मानी जाती है:
- सोना और चांदी के आभूषण
- पीतल और तांबे के बर्तन
- नए बर्तन
- झाड़ू
- धनिया और अन्य पूजा सामग्री
- भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्तियां
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी कारण धनतेरस को धन्वंतरि जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने घरों में सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए पूजा-पाठ और खरीदारी करते हैं।
