दौसा में मानवता की मिसाल: रविवार को भी खुला आधार केंद्र
प्रशासन की संवेदनशीलता का उदाहरण
दौसा में एक सड़क दुर्घटना के बाद प्रशासन ने एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया, जब एक गंभीर रूप से घायल युवक के इलाज के लिए रविवार के अवकाश के बावजूद आधार सेवा केंद्र खोला गया। यह घटना दर्शाती है कि जब नियमों से अधिक मानवता की आवश्यकता होती है, तो प्रशासन केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि संवेदनशीलता का प्रतीक बन जाता है।
घटना का विवरण
सलेमपुरा (लालसोट) के निवासी ओमप्रकाश बैरवा एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस इलाज की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि, तकनीकी समस्याओं के कारण इलाज में बाधा उत्पन्न हुई।
तकनीकी बाधाएं
ओमप्रकाश के आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं था, और जनाधार विवरण में त्रुटि के कारण बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा था। इस स्थिति ने उनके परिवार की चिंता बढ़ा दी।
प्रशासन की तत्परता
अस्पताल के स्टाफ ने परिवार को आधार अपडेट कराने की सलाह दी, लेकिन रविवार का अवकाश समस्या को और जटिल बना रहा। इस स्थिति में, सीएससी सेंटर के संचालक दीपक शर्मा ने परिवार को आधार केंद्र तक पहुँचाने का निर्णय लिया।
समाधान की दिशा में कदम
सीएससी एसपीवी जिला प्रबंधक कमलेश कुमार शर्मा ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उनके मार्गदर्शन में आधार संचालकों ने अवकाश के बावजूद केंद्र खोला और घायल युवक का मोबाइल नंबर प्राथमिकता के आधार पर अपडेट किया।
उपचार की शुरुआत
जैसे ही मोबाइल नंबर अपडेट हुआ, आयुष्मान पोर्टल पर सत्यापन सफल हुआ और मरीज का नि:शुल्क इलाज तुरंत शुरू कर दिया गया। समय पर उपचार मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली।
प्रशासन का दृष्टिकोण
कमलेश कुमार शर्मा ने कहा, "हमारा लक्ष्य सेवा है। जब मुझे घायल मरीज की स्थिति और योजना में आ रही बाधा के बारे में पता चला, तो मैंने नियमों के साथ-साथ मानवीय पहलू को प्राथमिकता दी। हमारी टीम हमेशा आमजन की सहायता के लिए तत्पर है।"
