दौसा के युवा उद्यमी रोहित शर्मा ने आत्महत्या की, परिवार में शोक की लहर

राजस्थान के दौसा जिले में 30 वर्षीय युवा उद्यमी रोहित शर्मा ने आत्महत्या कर ली। 'चायवालाज' स्टार्टअप के संस्थापक, रोहित की कहानी संघर्ष और सफलता की है। उन्होंने समाज सेवा में भी योगदान दिया और हाल ही में अध्यात्म की ओर रुख किया था। उनके निधन ने पूरे राजस्थान में उद्यमियों के बीच शोक की लहर पैदा कर दी है। जानें उनके जीवन की महत्वपूर्ण बातें और आत्महत्या के कारणों की जांच की स्थिति।
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दौसा में उद्यमी की आत्महत्या


राजस्थान के दौसा जिले में एक प्रसिद्ध युवा उद्यमी और 'चायवालाज' स्टार्टअप के संस्थापक, 30 वर्षीय रोहित शर्मा ने शनिवार को अपने घर में आत्महत्या कर ली। उनके परिवार ने साकेत कॉलोनी स्थित निवास के दरवाजे को तोड़कर अंदर जाने पर रोहित को फंदे से लटका हुआ पाया। उन्हें तुरंत दौसा जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


पुलिस की जांच और घटनाक्रम

कोतवाली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, यह घटना शनिवार दोपहर की है। जब परिवार ने दरवाजा बंद पाया और कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो उन्होंने दरवाजा तोड़ने का निर्णय लिया। रोहित को फंदे से लटका हुआ देखकर उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और आत्महत्या के कारणों की जांच जारी है।


रोहित शर्मा का संघर्ष और उपलब्धियां

रोहित शर्मा दौसा के निवासी थे और उन्होंने 17 वर्ष की आयु में नर्सिंग की पढ़ाई के दौरान अपना स्टार्टअप शुरू किया। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद, उन्होंने जयपुर में 'चायवालाज' नाम से अपना पहला चाय कैफे खोला और धीरे-धीरे विभिन्न शहरों में कुल सात आउटलेट्स खोले। उन्हें 2022 में ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम द्वारा 'इनोवेटिव स्टार्टअप ऑफ द ईयर' का पुरस्कार भी मिला।


समाज सेवा और अध्यात्म की ओर रुख

रोहित केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं थे; वे दौसा में मिशन हेल्पलाइन के माध्यम से समाज सेवा भी करते थे। 2024 के दौसा विधानसभा उपचुनाव में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन भी भरा था। हाल ही में, उन्होंने अपने सभी 'चायवालाज' कैफे बंद कर दिए और अध्यात्म की ओर रुख किया। परिवार और दोस्तों के अनुसार, वे पिछले कुछ महीनों से मानसिक तनाव का सामना कर रहे थे।


परिवार का दुख और पुलिस की कार्रवाई

रोहित के पिता, हितेंद्र मोहन शर्मा, दौसा में एक मेडिकल स्टोर चलाते हैं, जबकि उनकी पत्नी एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका हैं। उनके सात वर्षीय बेटे के साथ परिवार इस दुखद घटना से पूरी तरह स्तब्ध है। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है, और यह घटना दौसा के युवा उद्यमियों के बीच शोक की लहर पैदा कर चुकी है।