दुबई में नए कानून: बिन ब्याही माताओं को मिली स्वतंत्रता
दुबई में बिन ब्याही माताओं के लिए नए कानून
दुनिया का सबसे भव्य शहर दुबई इन दिनों भारी बारिश से प्रभावित है। रेगिस्तान में जलभराव हो रहा है और बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लेकिन जो जानकारी हम आपको देने जा रहे हैं, उसे जानकर आप भी चौंक जाएंगे। खाड़ी देशों में दुबई को एक उदार स्थान माना जाता है। यहां विभिन्न धर्मों के अनुयायियों के साथ समान व्यवहार किया जाता है। इसके अलावा, यहां एक अनोखा कानून है जो आपको हैरान कर देगा। दुबई में बिन ब्याही महिलाओं को भी मां बनने की अनुमति है। जी हां, यहां शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाना (Dubai me Physical Relation) कानूनी रूप से मान्य है। आइए जानते हैं इस अद्भुत सच्चाई के बारे में।
संयुक्त अरब अमीरात का उदार कानून
हम संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की बात कर रहे हैं, जहां इस्लामी कानून के बावजूद एक उदार वातावरण है। यहां गैर-मुस्लिमों के लिए 'फेडरल पर्सनल स्टेटस लॉ' (UAE Federal Personal Status Law) लागू किया गया है। इन कानूनों को इस तरह से तैयार किया गया है कि यूरोप के कानून भी इसके सामने फीके पड़ जाते हैं। यूएई में रहने वाले गैर-मुस्लिमों के लिए विवाह, तलाक, बच्चों की कस्टडी, संपत्ति के अधिकार आदि के लिए लचीले कानून बनाए गए हैं। यहां शादी से पहले भी संबंध (Dubai me Physical Relation) बनाना संभव है।
शादी और तलाक के लिए नया कानून
दुबई में हाल ही में एक नया कानून लागू हुआ है जो क्रांतिकारी बदलाव लाता है। अब यहां रहने वाली कोई भी गैर-मुस्लिम लड़की 21 वर्ष की उम्र में अपने परिवार की अनुमति के बिना अपने पसंद के व्यक्ति से विवाह कर सकती है। इसके साथ ही, शादी से पहले यौन संबंध (Dubai me Physical Relation) बनाना भी कानूनी रूप से मान्य है। तलाक की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। अब कोई भी गैर-मुस्लिम दंपति आपसी सहमति से या किसी एक के द्वारा अदालत में तलाक के लिए आवेदन कर सकते हैं। पहले तलाक के लिए यह साबित करना आवश्यक था कि साथी ने शादी के दौरान नुकसान पहुंचाया है। दुबई के ये कानून अब विश्वभर में चर्चा का विषय बन गए हैं।
पिता का नाम बताने की आवश्यकता नहीं
इन कानूनों की उदारता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। पहले, यूएई में किसी बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए माता-पिता का विवाहित होना आवश्यक था। लेकिन अब नियम (Dubai me Physical Relation) में लचीलापन लाया गया है। अब एक बिन ब्याही मां, जो बच्चे के पिता का नाम नहीं बताना चाहती, वह भी बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकती है। उसे किसी प्रकार के सवालों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इन सुधारों की आवश्यकता क्यों?
दुबई में बड़ी संख्या में विदेशी लोग निवास करते हैं, जिनमें से अधिकांश गैर-मुस्लिम हैं। इन्हें ऐसे कानूनों की सख्त आवश्यकता थी। ब्रिटेन और यूरोप के कई देशों में गैर-ईसाई लोगों के लिए भी ऐसे ही नियम लागू हैं। दुबई की उदार नीतियों के कारण यह शहर विश्व के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक बन गया है। यह केवल बुनियादी ढांचे के कारण नहीं, बल्कि लचीले कानूनों (UAE Federal Personal Status Law) के कारण भी है। वर्तमान में, भारी बारिश के कारण दुबई की स्थिति काफी प्रभावित हुई है।
