दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग बिहार पहुंचा, भक्तों में उमंग

दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, जो तमिलनाडु के महाबलीपुरम से यात्रा करते हुए बिहार के गोपालगंज पहुंचा है, भक्तों के लिए एक आकर्षण का केंद्र बन गया है। 210 मीट्रिक टन वजनी और 33 फीट ऊंचा यह शिवलिंग, जिसे एक ही विशाल पत्थर से बनाया गया है, 17 जनवरी को केसरिया के विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाएगा। स्थानीय लोग इस अद्भुत शिवलिंग का स्वागत कर रहे हैं और पूरे गांव में उत्सव का माहौल है। जानें इस शिवलिंग और मंदिर के बारे में और अधिक जानकारी।
 | 
दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग बिहार पहुंचा, भक्तों में उमंग

महाबलीपुरम से शुरू हुई ऐतिहासिक यात्रा

तमिलनाडु के महाबलीपुरम से शुरू हुई एक ऐतिहासिक यात्रा अब अपने अंतिम चरण में है। दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग बिहार के गोपालगंज पहुंच चुका है, जहां भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। यह शिवलिंग 210 मीट्रिक टन वजनी और 33 फीट ऊंचा है, जिसे पूर्वी चंपारण के केसरिया में स्थित 'विराट रामायण मंदिर' में स्थापित किया जाएगा।


10 वर्षों की मेहनत से निर्मित

इस अद्वितीय शिवलिंग की खासियत यह है कि इसे तमिलनाडु के महाबलीपुरम में एक ही विशाल 'ब्लैक ग्रेनाइट' पत्थर से तराशा गया है। इसके निर्माण में कलाकारों को लगभग 10 साल का समय लगा।


शिवलिंग की सतह पर 1008 छोटे सहस्त्रलिंगम भी उकेरे गए हैं, जो इसकी दिव्यता को और बढ़ाते हैं। इस भारी शिवलिंग को 96 पहियों वाले एक विशेष ट्रक के माध्यम से सड़क मार्ग से बिहार लाया गया है।


भक्तों में उत्साह का माहौल

गोपालगंज पहुंचते ही स्थानीय लोगों ने जयकारों के साथ शिवलिंग का स्वागत किया। स्थानीय निवासी सत्यम गोस्वामी ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा, 'हम भाग्यशाली हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग हमारे यहां आया है। सुबह से ही भक्त पूजा-अर्चना के लिए जुट रहे हैं।' वहीं, कुंदन देवी नाम की श्रद्धालु ने बताया कि पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल है और लोग दूर-दूर से इस विशाल शिवलिंग की एक झलक पाने आ रहे हैं।


विराट रामायण मंदिर का निर्माण

महावीर मंदिर न्यास समिति द्वारा बनवाए जा रहे इस भव्य मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। मंदिर की लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट होगी, जिसमें कुल 18 शिखर होंगे, जिनमें से मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट होगी।


17 जनवरी को केसरिया के विराट रामायण मंदिर में विधि-विधान के साथ शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। यह मंदिर धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है।