दुधवा टाइगर रिजर्व में रात के समय वाहनों की आवाजाही पर रोक

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने रात के समय वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह कदम वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। इस दौरान एम्बुलेंस और आपातकालीन वाहनों को अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही, बाघिन जीनत ने चार शावकों को जन्म दिया है, जो इस क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक खबर है। जानें इस नई व्यवस्था के बारे में और अधिक जानकारी।
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दुधवा टाइगर रिजर्व में रात के समय वाहनों की आवाजाही पर रोक gyanhigyan

दुधवा टाइगर रिजर्व में नई व्यवस्था

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने दुधवागौरीफंटा रोड पर शाम से सुबह तक वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लिया गया है।


रात के समय वाहनों की अनुमति

उप निदेशक जगदीश आर ने बताया कि इस संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि दूधवा से नेपाल सीमा के निकट स्थित गौरीफंटा कस्बे तक जाने वाली सड़क पर हर दिन शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक आम लोगों का आवागमन पूरी तरह से बंद रहेगा।


जगदीश आर ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रतिबंध के दौरान एम्बुलेंस और आपातकालीन वाहनों को आने-जाने की अनुमति होगी। उन्होंने कहा कि रात में गौरीफंटा जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए दुधवा से चंदनचौकी जाने वाला वैकल्पिक मार्ग 24 घंटे खुला रहेगा।


सुप्रीम कोर्ट का आदेश

यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है। जगदीश आर ने कहा कि रात के समय यातायात पर यह प्रतिबंध बाघ अभ्यारण्यों में सख्त नियमों के अनुपालन और जनहित के बीच संतुलन बनाने का प्रयास है।


बाघिन ने चार शावकों को जन्म दिया

एक खुशखबरी के तहत, वर्ष 2024 में महाराष्ट्र से ओड़ीशा के सिमलीपाल बाघ अभयारण्य में लाई गई बाघिन जीनत ने चार शावकों को जन्म दिया है।