दीपिका नागर की संदिग्ध मौत: दहेज के लिए हत्या का आरोप
दीपिका नागर की संदिग्ध मौत का मामला
दीपिका नागर की मौत: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गांव में 24 वर्षीय दीपिका नागर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने सबको चौंका दिया है। यह घटना 17 मई की रात को हुई, जब दीपिका अपने ससुराल की तीसरी मंजिल से गिर गई। उसके परिवार ने इसे दहेज के लिए हत्या का मामला बताते हुए पति और ससुरालवालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने पति ऋतिक नागर और ससुर मनोज नागर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य पांच आरोपी फरार हैं।
परिवार का कहना है कि शादी के बाद से दीपिका को दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। दीपिका के पिता संजय नागर ने बताया कि शादी के समय लड़के वालों ने दहेज की मांग से इनकार किया था, लेकिन शादी के करीब सोने के गहनों की लंबी सूची भेजी गई और फॉर्च्यूनर गाड़ी की भी मांग की गई।
संजय नागर ने कहा कि उनकी बेटी की शादी दिसंबर 2024 में हुई थी। शादी के बाद हर त्योहार पर दीपिका से गहने लाने की उम्मीद की जाती थी। पिछले महीने उसने अपनी सास के लिए 30 हजार रुपये की पायल खरीदी थी। परिवार का आरोप है कि शादी के दो महीने बाद से ही दीपिका को ताने दिए जाने लगे और अतिरिक्त दहेज के लिए दबाव बनाया जाने लगा।
दीपिका की मौसी बैजू नागर ने बताया कि 13 मई को गृह प्रवेश समारोह में दीपिका काफी उदास नजर आई थी। जब उससे बात की गई, तो उसने कहा कि उसे रोज ताने सुनने पड़ते हैं। परिवार ने उसे धैर्य रखने की सलाह दी, लेकिन किसी को नहीं पता था कि कुछ दिन बाद उसकी मौत हो जाएगी।
घटना की रात पड़ोसी गुलजार चौधरी ने तेज आवाज सुनकर बाहर आकर देखा कि दीपिका जमीन पर पड़ी थी। उन्होंने बताया कि पति ऋतिक नीचे दौड़कर आया और दोनों उसे अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या जानकारी मिली?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दीपिका के शरीर पर कई गंभीर अंदरूनी और बाहरी चोटों का पता चला है। रिपोर्ट में तिल्ली फटना, दिमाग में खून का थक्का जमना और शरीर के विभिन्न हिस्सों में अंदरूनी रक्तस्राव की पुष्टि हुई है। पुलिस अब मेडिकल विशेषज्ञों की मदद से यह जानने की कोशिश कर रही है कि ये चोटें गिरने से पहले लगी थीं या गिरने के कारण आईं।
इकोटेक-3 थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और दहेज निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए चार टीमें बनाई गई हैं और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है.
