दीपावली 2026: जानें लक्ष्मी पूजन का सही समय और विधि
दीपावली का पर्व
जयपुर में दीपावली, जो रोशनी और खुशियों का प्रतीक है, इस वर्ष 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। कार्तिक अमावस्या के दिन घरों और मंदिरों में दीप जलाए जाएंगे और मां लक्ष्मी तथा भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, दिवाली की शाम प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
राजस्थान के विभिन्न शहरों के लिए पंचांग के अनुसार लक्ष्मी पूजन का समय निम्नलिखित है:
- बीकानेर: शाम 6:11 से रात 8:07 बजे तक।
- जयपुर: शाम 6:03 से रात 7:59 बजे तक।
बीकानेर में प्रदोष काल लगभग शाम 5:47 से रात 8:24 बजे तक रहेगा। अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह लगभग 11:28 बजे शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर लगभग 12:31 बजे तक रहेगी। विभिन्न पंचांगों में गणना के कारण समय में एक-दो मिनट का अंतर हो सकता है।
लक्ष्मी पूजन की सामग्री
पूजा से पहले निम्नलिखित सामग्री तैयार रखें: चौकी, लाल या पीला कपड़ा, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर, दीपक, घी या तेल, रुई की बाती, धूप-अगरबत्ती, रोली, अक्षत, कलावा, फूल, माला, फल, मिठाई, नारियल, कलश और पूजा की थाली।
दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा कैसे करें
- घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं और दीपक सजाएं।
- शुभ मुहूर्त में पूजा स्थल पर चौकी बिछाकर लाल या पीला कपड़ा रखें।
- चौकी पर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें। पास में मां सरस्वती और कुबेर की तस्वीर या प्रतीक भी रख सकते हैं।
- पूजा का संकल्प लेकर सबसे पहले भगवान गणेश का ध्यान और पूजन करें।
- इसके बाद मां लक्ष्मी को तिलक, अक्षत, फूल, माला और मिठाई अर्पित करें।
- धूप और दीप जलाकर मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें तथा लक्ष्मी चालीसा और आरती करें।
- पूजा के बाद परिवार के सभी सदस्यों को प्रसाद वितरित करें और घर के मुख्य द्वार सहित अलग-अलग स्थानों पर दीपक जलाएं।
दिवाली पर ध्यान रखने योग्य बातें
दिवाली के दिन घर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखें। पूजा के समय मन में श्रद्धा और सकारात्मक भाव रखें। दीपक सुरक्षित स्थान पर जलाएं और बच्चों को पटाखों से दूर रखें। पर्यावरण का ध्यान रखते हुए कम धुआं करने वाले या बिना धुएं के उत्सव के विकल्प अपनाएं।
दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी धन, वैभव और समृद्धि की देवी हैं, जबकि भगवान गणेश को बुद्धि, शुभता और विघ्नों को दूर करने वाला माना जाता है। इसीलिए दिवाली पर दोनों की एक साथ पूजा की जाती है। भक्त परिवार में सुख-शांति, खुशहाली और उन्नति की कामना करते हैं।
