दिसपुर विधानसभा चुनाव: भाजपा और कांग्रेस के बीच दिलचस्प मुकाबला

असम की दिसपुर विधानसभा सीट पर 2026 के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। भाजपा ने प्रद्युत बोरदोलोई को और कांग्रेस ने मीरा बोरठाकुर को मैदान में उतारा है। दोनों प्रत्याशी अपने राजनीतिक अनुभव और जनाधार के आधार पर जीत का दावा कर रहे हैं। इस सीट पर मतदाताओं का रुझान विकास कार्यों और स्थानीय मुद्दों पर निर्भर करता है, जिससे मुकाबला और भी तीव्र हो गया है। जानें इस हाई प्रोफाइल सीट पर क्या हो सकता है।
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दिसपुर विधानसभा चुनाव: भाजपा और कांग्रेस के बीच दिलचस्प मुकाबला

दिसपुर विधानसभा सीट पर चुनावी हलचल

असम की राजनीति में महत्वपूर्ण मानी जाने वाली दिसपुर विधानसभा सीट पर चुनावी मुकाबला दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने प्रद्युत बोरदोलोई को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने मीरा बोरठाकुर को अपना उम्मीदवार बनाया है। दोनों प्रत्याशी अपने राजनीतिक अनुभव और जनाधार के आधार पर इस सीट पर जीत का दावा कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य में एक चरण में चुनाव 09 अप्रैल 2026 को होने वाले हैं।


प्रद्युत बोरदोलोई और मीरा बोरठाकुर की टक्कर

दिसपुर विधानसभा सीट पर प्रद्युत बोरदोलोई भाजपा की संगठनात्मक शक्ति और केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं को अपनी ताकत मानते हैं। वहीं, मीरा बोरठाकुर अपने पुराने जनसंपर्क और क्षेत्र में किए गए कार्यों के आधार पर जनता का समर्थन जुटाने में लगी हैं। कांग्रेस इस सीट को अपनी वापसी के लिए बेहद महत्वपूर्ण मान रही है, जबकि भाजपा इसे अपने नियंत्रण में बनाए रखने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।


अर्बन मिडिल क्लास का प्रभाव

दिसपुर सीट पर मतदाताओं का झुकाव अक्सर विकास कार्यों और स्थानीय मुद्दों पर निर्भर करता है, जिससे मुकाबला और भी तीव्र हो जाता है। युवा मतदाता, सरकारी कर्मचारी और अर्बन मिडिल क्लास यहां निर्णायक भूमिका निभाते हैं।


प्रतिष्ठा की लड़ाई

2026 के विधानसभा चुनाव में दिसपुर सीट दोनों उम्मीदवारों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुकी है। दोनों प्रत्याशियों के सामने खुद को साबित करने की चुनौती है, और सभी की नजरें इस हाई प्रोफाइल सीट पर टिकी हुई हैं।