दिव्यांग महिला की प्रेरणादायक कहानी: स्विगी डिलीवरी गर्ल ने जीती सबका दिल
मेहनत की मिसाल: स्विगी की दिव्यांग डिलीवरी गर्ल
कहते हैं कि मेहनत की रोटी का स्वाद ही कुछ और होता है। कुछ लोग अपने हालातों का बहाना बनाकर घर पर बैठना या भीख मांगना पसंद करते हैं। लेकिन एक फूड डिलीवरी गर्ल ऐसे लोगों के लिए प्रेरणा बन सकती है। स्विगी में काम करने वाली यह महिला दिव्यांग है, लेकिन उसने अपनी दिव्यांगता को कभी भी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया।
फूड डिलीवरी के व्यवसाय में समय की बहुत अहमियत होती है। ग्राहकों को समय पर अपना खाना चाहिए होता है। ऐसे में डिलीवरी करने वाले लोग धूप, बारिश और ठंड में बिना किसी शिकायत के मेहनत करते हैं ताकि हम घर पर आराम से भोजन कर सकें। कभी-कभी खाना आने में देरी हो जाती है, और हम डिलीवरी वाले को बुरा भला कह देते हैं। लेकिन जब हमें असली वजह पता चलती है, तो हमें शर्मिंदगी महसूस होती है।
सोशल मीडिया पर एक ग्राहक ने स्विगी से ऑर्डर किए गए खाने में देरी होने पर नाराजगी जताई। लेकिन जब उसने डिलीवरी करने वाली महिला को देखा, तो उसे अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने सोचा कि यह महिला इन कठिनाइयों के बावजूद मेहनत कर रही है, जबकि वह थोड़ी सी देरी पर गुस्सा हो रहा था।
इस दिव्यांग स्विगी डिलीवरी गर्ल का वीडियो जगविंदर सिंह घुमान नामक एक यूजर ने लिंक्डइन पर साझा किया। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, "यदि आप ऑफिस के लिए लेट होते हैं, तो आप बहाने बनाते हैं। लेकिन असली हीरो मेहनत करता है और बहाने को नजरअंदाज करता है।"
इस वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे दिव्यांग महिला स्विगी की टी-शर्ट पहने अपने मोटर चालित व्हीलचेयर में भोजन पहुंचा रही है। वह हर मौसम में ईमानदारी से काम करती है और हमेशा कोशिश करती है कि खाना जल्दी पहुंचे। महिला का नाम विद्या कुमारी है।
सोशल मीडिया पर लोग इस दिव्यांग महिला की सराहना कर रहे हैं। कई लोग कामचोर युवाओं को इस महिला से सीखने की सलाह दे रहे हैं। कुछ ने कहा कि अगर आपके अंदर दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति हो, तो आप जीवन में कुछ भी हासिल कर सकते हैं। वहीं, कुछ ने महिला की मदद करने की पेशकश भी की है।
यहां देखें दिव्यांग स्विगी गर्ल की पूरी कहानी
