दिव्यांग महिला की प्रेरणादायक कहानी: स्विगी डिलीवरी गर्ल की मेहनत
मेहनत की मिसाल: विद्या कुमारी
कहते हैं कि मेहनत की कमाई का स्वाद ही कुछ और होता है। कुछ लोग अपने कठिनाइयों का बहाना बनाकर घर पर रहना या भीख मांगना पसंद करते हैं। लेकिन एक फूड डिलीवरी गर्ल ने अपने जीवन को एक नई दिशा दी है। स्विगी में काम करने वाली यह महिला दिव्यांग है, लेकिन उसने अपनी दिव्यांगता को कभी भी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया।
फूड डिलीवरी के क्षेत्र में समय की बहुत अहमियत होती है। ग्राहकों को समय पर अपना खाना चाहिए होता है। ऐसे में डिलीवरी करने वाले लोग धूप, बारिश और ठंड में बिना किसी शिकायत के मेहनत करते हैं ताकि हम आराम से अपने घरों में रहकर भोजन कर सकें। कभी-कभी खाना आने में देरी हो जाती है, और हम डिलीवरी वाले को बुरा-भला कह देते हैं। लेकिन जब हमें असली वजह पता चलती है, तो हमें शर्मिंदगी महसूस होती है।
सोशल मीडिया पर एक ग्राहक ने जब स्विगी से ऑर्डर किया और डिलीवरी में देरी हुई, तो वह नाराज हो गया। लेकिन जब उसने डिलीवरी करने वाली महिला को देखा, तो उसे अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने सोचा कि यह महिला इन कठिनाइयों में भी मेहनत कर रही है, जबकि वह थोड़ी सी देरी पर गुस्सा हो रहा था।
इस दिव्यांग स्विगी डिलीवरी गर्ल का वीडियो जगविंदर सिंह घुमान नामक एक यूजर ने लिंक्डइन पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि यदि आप ऑफिस के लिए लेट होते हैं, तो आप बहाने बनाते हैं, लेकिन असली हीरो मेहनत करता है।
इस वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे विद्या कुमारी, जो एक दिव्यांग महिला हैं, स्विगी की टी-शर्ट पहने अपने मोटर चालित व्हीलचेयर पर भोजन पहुंचा रही हैं। वह हर मौसम में ईमानदारी से काम करती हैं और हमेशा कोशिश करती हैं कि खाना जल्दी पहुंचे।
सोशल मीडिया पर लोग इस महिला की सराहना कर रहे हैं। कई लोग कामचोर युवाओं को इस महिला से सीखने की सलाह दे रहे हैं। कुछ ने कहा कि अगर आपके अंदर दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति हो, तो आप कुछ भी हासिल कर सकते हैं। वहीं, कुछ ने महिला की मदद करने की पेशकश भी की है।
यहां देखें दिव्यांग स्विगी गर्ल की पूरी कहानी
