दिल्ली हाई कोर्ट में सोनम वांगचुक के लिए मेडिकल सहायता की याचिका दायर
दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के लिए तात्कालिक चिकित्सा सहायता की मांग की गई है। वांगचुक, 'कॉकरोच जनता पार्टी' के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। याचिका में केंद्र और दिल्ली सरकार से अनुरोध किया गया है कि उन्हें सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए। जानें इस मामले की सुनवाई कब होगी और वांगचुक की सेहत के बारे में क्या जानकारी मिली है।
| Jul 15, 2026, 15:45 IST
सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य के लिए याचिका
दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) प्रस्तुत की गई है, जिसमें क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के लिए तात्कालिक चिकित्सा सहायता की मांग की गई है। वांगचुक, 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के समर्थन में जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जो NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आयोजित किया जा रहा है। लाइव-लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, वकील राकेश कुमार सैनी ने यह याचिका दायर की है। इसमें केंद्र और दिल्ली सरकार से अनुरोध किया गया है कि वांगचुक को तुरंत किसी सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए, उनका उपचार किया जाए, और यदि आवश्यक हो, तो उनकी जान बचाने के लिए उन्हें मजबूरन लिक्विड डाइट दी जाए। बुधवार को CJP का विरोध प्रदर्शन 25वें दिन और वांगचुक की भूख हड़ताल 18वें दिन में प्रवेश कर गई।
सुनवाई की तारीख
मामले की सुनवाई गुरुवार को होगी
संगठन ने संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन, यानी 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च निकालने की योजना बनाई है और समर्थकों से मिस्ड-कॉल कैंपेन के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करने की अपील की है। हालांकि, यह याचिका चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच के सामने बुधवार को सूचीबद्ध की गई थी, लेकिन वकीलों की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई गुरुवार तक टाल दी गई है। याचिका में विशेष रूप से अधिकारियों से यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वे "....उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाएं और उन्हें लिक्विड डाइट के माध्यम से आवश्यक पोषक तत्व, विटामिन और मिनरल प्रदान करें, जो मानव जीवन के लिए आवश्यक हैं और साथ ही वांगचुक की जान और स्वास्थ्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित करें।
भूख हड़ताल का 18वां दिन
भूख हड़ताल का 18वां दिन
59 वर्षीय शिक्षक और क्लाइमेट एक्टिविस्ट 28 जून को CJP के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे और तब से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। CJP केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और मई में NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए ₹1 करोड़ के मुआवजे की मांग कर रहा है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके, वांगचुक की सेहत के बारे में लगातार जानकारी दे रहे हैं। मंगलवार को एक अपडेट में उन्होंने बताया कि उपवास शुरू करने के बाद से एक्टिविस्ट का वजन 8.4 किलोग्राम से अधिक कम हो गया है, उनकी मांसपेशियां घट रही हैं और उनका रक्तचाप 109/70 हो गया है। एक्स पर वांगचुक की स्थिति के बारे में बताते हुए दिपके ने लिखा, "उनकी मांसपेशियां कम हो रही हैं और उन्हें बहुत अधिक दर्द हो रहा है। बाकी सभी की तरह, मैंने भी उनसे उपवास समाप्त करने की अपील की।
