दिल्ली सरकार ने कांवड़ शिविरों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाई
मुख्यमंत्री का महत्वपूर्ण निर्णय
नई दिल्ली, 27 जुलाई: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को घोषणा की कि दिल्ली सरकार ने बड़े कांवड़ शिविरों के लिए वित्तीय सहायता को 11 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा भी जारी रहेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, महंगाई और कांवड़ शिविरों के संचालन में बढ़ते खर्च को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इससे कांवड़ समितियों को श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने में मदद मिलेगी।
सहायता राशि में वृद्धि
मुख्यमंत्री ने बताया कि 20,000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में छह से 12 दिन तक चलने वाले कांवड़ शिविरों के लिए सहायता राशि को 15 लाख रुपये कर दिया जाएगा। इसी तरह, 20,000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्र वाले तीन से पांच दिन के शिविरों के लिए सहायता राशि को छह लाख रुपये से बढ़ाकर नौ लाख रुपये किया जाएगा। यह निर्णय कांवड़ समितियों पर आर्थिक बोझ को कम करने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण है।
अन्य श्रेणियों के लिए भी सहायता
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अन्य श्रेणियों के कांवड़ शिविरों के लिए भी सहायता राशि में वृद्धि की जाएगी। 15,001 से 20,000 वर्गफुट तक के क्षेत्र में तीन से पांच दिन के शिविरों के लिए सहायता राशि चार लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये की जाएगी। इसी प्रकार, 10,001 से 15,000 वर्गफुट के क्षेत्र में तीन से पांच दिन वाले शिविरों के लिए सहायता राशि चार लाख रुपये से बढ़ाकर छह लाख रुपये की जाएगी।
छोटे शिविरों के लिए भी अनुदान
बयान में कहा गया है कि 5,001 से 10,000 वर्गफुट तक के क्षेत्र में तीन दिन के शिविरों के लिए सहायता राशि 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये की जाएगी। इसके अलावा, 5,000 वर्गफुट तक के क्षेत्रों में छोटे शिविरों के लिए सहायता राशि 1.50 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये की जाएगी। गुप्ता ने कहा, "दिल्ली में कांवड़ यात्रा का स्वरूप लगातार बड़ा होता जा रहा है।"
बिजली कनेक्शन की व्यवस्था
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कांवड़ समितियों को 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती रहेगी। बिजली वितरण कंपनियों, बीएसईएस और टीपीडीडीएल को समय पर बिजली कनेक्शन प्रदान करने के लिए निर्देशित किया गया है। गुप्ता ने कहा कि कांवड़ समितियों को अनुदान मिलने में कोई देरी न हो, इसके लिए प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। अब अनुदान की अग्रिम और अंतिम दोनों किस्तें सीधे संबंधित जिलाधिकारी कार्यालय से जारी की जाएंगी।
