दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना पर कांग्रेस का सवाल: सिफारिश की आवश्यकता क्यों?

दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना में सांसदों या विधायकों की सिफारिश की आवश्यकता पर कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि योग्य महिलाएं बिना सिफारिश के लाभ प्राप्त कर सकती हैं। इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
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कांग्रेस ने लक्ष्मी योजना की पात्रता शर्तों पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, तीन अगस्त: कांग्रेस की दिल्ली शाखा के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने हाल ही में शुरू की गई दिल्ली सरकार की 'लक्ष्मी योजना' के लिए निर्धारित पात्रता मानदंडों में सांसदों या विधायकों की सिफारिश की आवश्यकता को सोमवार को अव्यावहारिक करार दिया। यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जो महिलाएं सरकारी मानदंडों को पूरा करती हैं, उन्हें लाभ प्राप्त करने के लिए चुने हुए प्रतिनिधियों से सिफारिश कराने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “यदि कोई महिला सभी पात्रता शर्तें पूरी करती है और उसे वास्तव में सहायता की आवश्यकता है, तो विधायक या सांसद की सिफारिश की आवश्यकता क्यों है?

क्या महिलाएं केवल फॉर्म भरने और सांसदों तथा विधायकों के कार्यालयों के चक्कर लगाने में समय बर्बाद करेंगी?”

कांग्रेस के इन आरोपों पर दिल्ली सरकार की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक अगस्त को 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत राष्ट्रीय राजधानी की योग्य महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।