दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय में तनाव प्रबंधन पर ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन

दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय ने मानसिक शक्ति फाउंडेशन के सहयोग से 'तनाव एवं उसका प्रबंधन' विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में शिक्षकों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया, जहां वक्ताओं ने तनाव के कारणों और उसके प्रभावों पर चर्चा की। मुख्य अतिथि प्रो. अनु सिंह लाठर ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता और आत्म-देखभाल की आवश्यकता पर जोर दिया। वेबिनार में तनाव प्रबंधन की व्यावहारिक रणनीतियाँ भी साझा की गईं।
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दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय में तनाव प्रबंधन पर ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन

तनाव और उसके प्रबंधन पर वेबिनार

दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय ने मानसिक शक्ति फाउंडेशन के सहयोग से आज एक दिवसीय ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया, जिसका विषय था “तनाव एवं उसका प्रबंधन।” इस कार्यक्रम में शिक्षकों, शोधकर्ताओं और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विशेषज्ञों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।




वेबिनार की शुरुआत दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, डॉ संजीव राय ने की, जिन्होंने सभी विशिष्ट वक्ताओं और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने छात्रों में बढ़ते मानसिक तनाव के दुष्परिणामों पर चर्चा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मानसिक शक्ति फाउंडेशन के डॉ अमरेश श्रीवास्तव ने छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सुविधाओं की आवश्यकता को रेखांकित किया।




इस वेबिनार की मुख्य अतिथि प्रो. अनु सिंह लाठर, कार्यवाहक कुलपति, दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय ने कहा कि आजकल अधिकांश लोग, विशेषकर छात्र, तनाव, चिंता और अवसाद का सामना कर रहे हैं। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता, आत्म-देखभाल और वैज्ञानिक तनाव-प्रबंधन तकनीकों को अपनाना बेहद जरूरी है।




तकनीकी सत्र में प्रमुख वक्ताओं में प्रो. शुभांगी पारकर (डीन, फैकल्टी ऑफ मेडिसिन, बीएचयू), प्रो. संजय गुप्ता (डीन, वेदांतु इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिसिन, दहानू, गुजरात), प्रो. टी. एस. एस. राव (प्रोफेसर एमेरिटस, जेएसएस इंस्टिट्यूट, त्रिशूर) और सिद्धांश श्रीवास्तव (रिसर्च फेलो, मानसिक शक्ति फाउंडेशन) शामिल थे, जिन्होंने अपने विचार साझा किए।




वक्ताओं ने तनाव के कारणों, उसके मनोवैज्ञानिक और शारीरिक प्रभावों, और उससे निपटने के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की। इस दौरान कार्यस्थल तनाव, शैक्षणिक दबाव, भावनात्मक संतुलन, परामर्श और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। मानसिक शक्ति फाउंडेशन ने तनाव प्रबंधन से संबंधित व्यावहारिक रणनीतियाँ और अनुसंधान-आधारित दृष्टिकोण भी प्रस्तुत किए।




डॉ संजीव राय ने वक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि शिक्षा जगत में एक सहयोगात्मक और मानसिक रूप से स्वस्थ वातावरण का निर्माण किया जा सके।