दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय और संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान के बीच महत्वपूर्ण समझौता
दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय और संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान ने एक महत्वपूर्ण समझौता किया है, जिसका उद्देश्य शिक्षा, शोध और संस्कृत भाषा के विकास को बढ़ावा देना है। इस समझौते के तहत शिक्षक शिक्षा, संस्कृत अध्ययन और भारतीय ज्ञान प्रणाली को प्रोत्साहित किया जाएगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षाविदों की उपस्थिति रही, जिन्होंने इस सहयोग को नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बताया। यह समझौता युवाओं को भारतीय बौद्धिक परंपरा से जोड़ने और शिक्षण में नवाचार को बढ़ावा देने में सहायक होगा।
| May 28, 2026, 18:30 IST
दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में नया समझौता
नई दिल्ली। दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय और संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान के बीच राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) हुआ है। यह समझौता शिक्षा, शोध, भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृत भाषा के विकास के लिए किया गया है।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य शिक्षक शिक्षा, संस्कृत अध्ययन, भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS), प्रशिक्षण कार्यक्रमों, संयुक्त शोध गतिविधियों, कार्यशालाओं, संगोष्ठियों और ऑनलाइन शैक्षणिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देना है। दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो अनु सिंह लाठर और संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान के प्रो चांद किरण सलूजा के नेतृत्व में दोनों संस्थान शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन करेंगे। दोनों संस्थाएं विद्यालयी और उच्च शिक्षा में भारतीय भाषाओं और सांस्कृतिक मूल्यों के समावेश के लिए मिलकर काम करेंगी।
इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय और प्रतिष्ठान के वरिष्ठ अधिकारियों और शिक्षाविदों की उपस्थिति रही। संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान के प्रो चांद किरण सलूजा ने कहा कि यह सहयोग नई शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृत आधारित शैक्षिक विमर्श को नई दिशा देगा। दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ संजीव राय ने कहा कि यह एमओयू युवाओं को भारतीय बौद्धिक परंपरा से जोड़ने और शिक्षण-अध्ययन में नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
