दिल्ली विधानसभा में आतिशी के बयान पर भाजपा का विरोध

दिल्ली विधानसभा में भाजपा के मंत्रियों ने विपक्ष की नेता आतिशी की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। यह मांग गुरु तेग बहादुर के अपमान के संदर्भ में उठाई गई है। विधानसभा में उनके बयान पर भारी हंगामा हुआ, जिसमें विधायकों ने निंदा प्रस्ताव लाने की बात कही। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और भाजपा के नेताओं की प्रतिक्रिया।
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दिल्ली विधानसभा में आतिशी के बयान पर भाजपा का विरोध

आतिशी की सदस्यता रद्द करने की मांग

दिल्ली के कई मंत्रियों, जिनमें प्रवेश वर्मा और मंज़िंदर सिंह सिरसा शामिल हैं, ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने गुरु तेग बहादुर के कथित अपमान के मामले में विपक्ष की नेता आतिशी की सदस्यता रद्द करने की मांग की। मीडिया से बातचीत करते हुए प्रवेश वर्मा ने कहा, “हमने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर आतिशी के कार्यों का संज्ञान लेते हुए उनकी सदस्यता रद्द करने की अपील की है। यह न केवल सदन के लिए, बल्कि देश के हर नागरिक के लिए अपमानजनक है। हमारे गुरुओं ने देश की एकता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, लेकिन विपक्ष की नेता ने उनका मजाक उड़ाया। हमें विश्वास है कि आतिशी की सदस्यता रद्द की जाएगी।”


विधानसभा में हंगामा

दिल्ली विधानसभा में भाजपा विधायक द्वारा आतिशी की टिप्पणी पर तीव्र विरोध प्रदर्शन हुआ, जिससे भारी हंगामा मच गया। विधायकों ने मांग की कि विपक्ष की विधायक को सत्र में उपस्थित होना चाहिए और उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाए। कपिल मिश्रा ने कहा कि अध्यक्ष ने आतिशी के शब्दों को पढ़ा और उन्होंने बेहद अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। यह टिप्पणी तब की गई जब विधानसभा गुरु तेग बहादुर जी के सम्मान में चर्चा कर रही थी। उन्होंने कहा, “मैं उनके शब्दों को दोहरा भी नहीं सकता। उन्हें विधानसभा में आना होगा, केवल माफी मांगने से काम नहीं चलेगा।”


शहीद गुरु तेग बहादुर की 350वीं वर्षगांठ

भाजपा विधायक हरीश खुराना ने कहा कि इस समय श्री गुरु तेग बहादुर की शहादत की 350वीं वर्षगांठ पर चर्चा चल रही थी। उन्होंने आतिशी की अनुचित टिप्पणी की कड़ी निंदा की और कहा कि इस मामले पर चर्चा के बाद वे कल निंदा प्रस्ताव भी पेश करेंगे।