दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सुधार के लिए अध्यक्ष ने दिए निर्देश
सुरक्षा चूक के बाद सुधार की आवश्यकता
हाल ही में हुई सुरक्षा चूक के मद्देनजर, दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की चूक को सहन नहीं किया जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था को सतर्कता, स्पष्ट जिम्मेदारी और मजबूत समन्वय पर आधारित होना चाहिए। इस संदर्भ में, गृह मंत्रालय, दिल्ली सरकार के गृह विभाग, दिल्ली पुलिस, खुफिया ब्यूरो, यातायात पुलिस और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सीसीटीवी फुटेज सहित घटना की गहन जांच की गई।
सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के निर्देश
अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है और इसे मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। उन्होंने सभी प्रवेश द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर लगाने का निर्देश दिया ताकि अनधिकृत वाहनों का प्रवेश रोका जा सके। इसके अलावा, परिसर में सख्त प्रवेश नियंत्रण और निगरानी बढ़ाने के लिए भी आदेश दिए गए हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि बिना उचित जांच और अनुमति के कोई भी वाहन अंदर न जा सके।
प्रशिक्षित जवानों की तैनाती
अध्यक्ष ने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रवेश और निकास द्वार पर दिल्ली पुलिस या सीआरपीएफ के कम से कम दो प्रशिक्षित जवान तैनात किए जाएं, जो पूरी तरह से सुसज्जित हों और जिनकी जिम्मेदारियां स्पष्ट हों। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर समन्वय हमेशा सुचारू और सतर्क रहना चाहिए।
गतिशील सुरक्षा उपायों की आवश्यकता
सुरक्षा में तेजी लाने के लिए, अध्यक्ष ने विधानसभा परिसर में एक मोबाइल गश्ती वाहन तैनात करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा केवल स्थिर गार्डों पर निर्भर नहीं रह सकती, बल्कि इसे सक्रिय और गतिशील रहना चाहिए ताकि किसी भी स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके। इसके साथ ही, भौतिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है, ताकि सभी द्वार इतने मजबूत हों कि किसी भी प्रकार की जबरन घुसपैठ को रोका जा सके। हाइड्रोलिक अवरोधकों के साथ-साथ अतिरिक्त सुदृढ़ीकरण उपाय भी लागू किए जाएंगे।
