दिल्ली में 'सहेली पिंक कार्ड' योजना पर मुख्यमंत्री का स्पष्टीकरण
मुख्यमंत्री का बयान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को 'सहेली पिंक कार्ड' योजना के बारे में फैली अफवाहों को नकारते हुए कहा कि यह पहल महिला यात्रियों के लिए पूरी तरह से सफल है और इसमें कोई समस्या नहीं है। उन्होंने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर आरोप लगाया कि वे महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई पहलों से असहज हैं। गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि उन्हें लड़कियों के साइकिल चलाने से परेशानी होती है, तो 'सहेली पिंक कार्ड' उन्हें कैसे आकर्षित कर सकता है?
योजना की सफलता
गुप्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि पिंक सहेली कार्ड योजना सुचारू रूप से चल रही है और राष्ट्रीय राजधानी की महिलाएं इससे लगातार लाभ उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्ड मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान करता है। बस पर टैप करें और चिंता मुक्त यात्रा करें। मुख्यमंत्री ने एक वीडियो संदेश में योजना के बारे में फैलाई जा रही 'झूठी अफवाहों' का खंडन किया और कहा कि कुछ राजनीतिक तत्व जानबूझकर भ्रम पैदा कर रहे हैं।
योजना का विवरण
इस योजना के तहत, भाजपा सरकार ने 2019 में पूर्व आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा शुरू की गई गुलाबी कागज़ की टिकट प्रणाली को केंद्र की 'एक राष्ट्र, एक कार्ड' पहल के तहत गुलाबी एनसीएमसी कार्ड से बदल दिया है, जिससे केवल दिल्ली निवासियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि इस कार्ड के माध्यम से मेट्रो, क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली (आरआरटीएस) और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का उपयोग भी संभव होगा।
सुविधाओं का विस्तार
अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा उसी तंत्र पर लागू की जाएगी जिस पर दिल्ली बसों में महिला यात्रियों के लिए वर्तमान में मुफ्त यात्रा योजना उपलब्ध है। दिल्ली सरकार ने सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड जारी करने के लिए शहर भर में 50 अधिकृत केंद्र स्थापित किए हैं।
