दिल्ली में सड़क हादसे ने मां का जीवन बर्बाद किया, इंसाफ की मांग

दिल्ली के द्वारका में एक सड़क दुर्घटना ने 23 वर्षीय साहिल धनेशरा की जान ले ली, जिससे उसकी मां इना माकन का जीवन बर्बाद हो गया। इना ने आरोपी के परिवार की माफी को अस्वीकार करते हुए इंसाफ की मांग की है। हादसे के समय नाबालिग चालक की बहन द्वारा वीडियो बनाने के आरोप भी लगे हैं। यह घटना नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर बहस को जन्म देती है।
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दिल्ली के द्वारका में दर्दनाक सड़क हादसा

दिल्ली के द्वारका में एक सड़क दुर्घटना ने 23 वर्षीय साहिल धनेशरा की जान ले ली। साहिल, जो पोस्टग्रेजुएट की पढ़ाई के लिए ब्रिटेन जाने की तैयारी कर रहा था, 3 फरवरी को अपनी बाइक पर था जब उसकी टक्कर एक महिंद्रा स्कॉर्पियो SUV से हुई। यह SUV कथित तौर पर 17 वर्षीय एक नाबालिग चला रहा था। टक्कर इतनी गंभीर थी कि साहिल की मौके पर ही मृत्यु हो गई।


मां का दर्द और इंसाफ की मांग

साहिल की मां, इना माकन, इस दुखद घटना से उबर नहीं पा रही हैं। उन्होंने कहा कि वह आरोपी के परिवार की माफी को स्वीकार नहीं कर सकतीं। जब नाबालिग के पिता ने कहा कि उन्हें इस घटना पर 'बहुत अफसोस' है, तो इना ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल किया, 'किस बात का अफसोस? मेरी जिंदगी खत्म करने का?'


क्या माफी से साहिल वापस आएगा?

इना ने आगे कहा, 'उनकी माफी से मेरा बेटा वापस नहीं आएगा। मेरी सुबह और शाम सब खत्म हो चुकी है। क्या मेरी जिंदगी कभी सामान्य हो पाएगी?' यह सवाल सुनकर कई लोगों की आंखों में आंसू आ गए।


हादसे के बाद की स्थिति

हादसे के बाद, 17 वर्षीय चालक को सुधार गृह भेजा गया था, लेकिन उसे 10वीं बोर्ड परीक्षा के लिए अस्थायी रूप से रिहा कर दिया गया। इस निर्णय पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।


क्या वीडियो बना रही थी आरोपी की बहन?

इस बीच, यह आरोप भी लगाया गया है कि हादसे के समय आरोपी की बहन सह-चालक सीट पर बैठकर वीडियो बना रही थी। हालांकि, आरोपी के पिता ने इन आरोपों का खंडन किया है।


इना माकन की स्थिति

इना माकन एक सिंगल मदर हैं, जिन्होंने अपने बेटे के भविष्य के लिए अपनी पूरी जिंदगी समर्पित की। अब वह न्याय की लड़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का सोच रही हैं।


आरोपी के पिता की प्रतिक्रिया

आरोपी के पिता, जो कमर्शियल वाहनों का व्यवसाय करते हैं, ने कहा कि वह घटना के समय शहर में नहीं थे। उन्होंने कहा कि यह एक गलती थी और उन्हें इस पर बहुत दुख है।


सड़क सुरक्षा पर बहस

यह घटना एक बार फिर देश में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर बहस छेड़ रही है। क्या केवल 'सॉरी' कहने से ऐसे हादसों का दर्द कम हो सकता है, या सख्त कानूनी कार्रवाई ही समाधान है?