दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार, जीआरएपी-3 के प्रतिबंध हटाए गए

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने जीआरएपी-3 के तहत लागू प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि 2025 में पिछले आठ वर्षों में सबसे अच्छी वायु गुणवत्ता दर्ज की गई है। जानें इस सुधार के पीछे के कारण और इसके प्रभाव के बारे में।
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दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार, जीआरएपी-3 के प्रतिबंध हटाए गए

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार

दिल्ली-एनसीआर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शुक्रवार को वायु गुणवत्ता में सुधार के चलते जीआरएपी-3 के तहत लागू प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया। हालांकि, मौजूदा जीआरएपी के चरण 1 और 2 के अंतर्गत सभी प्रतिबंध एनसीआर में जारी रहेंगे। सीएक्यूएम ने एक अधिसूचना में बताया कि दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई), जो गुरुवार को 380 था, में सुधार हुआ है और शुक्रवार शाम 4 बजे यह 236 पर पहुंच गया, जो एक सकारात्मक संकेत है। वायु गुणवत्ता के वर्तमान रुझान को देखते हुए, सीएक्यूएम की उप-समिति ने एनसीआर में जीआरएपी के चरण-3 के तहत सभी योजनाओं को तुरंत रद्द करने का निर्णय लिया है।


दिल्ली के पर्यावरण मंत्री का बयान

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में 2025 में पिछले आठ वर्षों में सबसे अच्छी वायु गुणवत्ता दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि पीएम2.5 का स्तर 2024 में 104 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से घटकर 2025 में 96 रह गया, जबकि पीएम10 का स्तर इसी अवधि में 212 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से घटकर 197 हो गया।


स्वच्छ हवा के प्रति संकल्प

सिरसा ने कहा, "दिल्लीवासियों ने हमें सेवा करने का जनादेश दिया है और हमने स्वच्छ हवा को अपनी प्राथमिकता बना लिया है। 2025 में रिकॉर्ड तोड़ अच्छे वायु गुणवत्ता सूचकांक वाले दिनों से यह साबित होता है कि विज्ञान आधारित कार्रवाई चमत्कार कर सकती है।" एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दिल्ली में 2025 में लगभग 200 दिन ऐसे रहे जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 से नीचे रहा, जो पिछले चार वर्षों की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत का सुधार है।


अच्छे वायु गुणवत्ता के दिन

इनमें से 79 दिन 'अच्छे' और 'संतोषजनक' श्रेणी में रहे। रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी से नवंबर तक का औसत एक्यूआई 187 रहा, जो कोविड से प्रभावित वर्ष 2020 को छोड़कर पिछले आठ वर्षों में सबसे अच्छा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) 0 से 50 के बीच के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) को 'अच्छा', 51 से 100 को 'संतोषजनक', 101 से 200 को 'मध्यम', 201 से 300 को 'खराब', 301 से 400 को 'अत्यंत खराब' और 401 से 500 को 'गंभीर' के रूप में वर्गीकृत करता है।