दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यात्रा: एक ऐतिहासिक दस्तावेज़

इस लेख में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिल्ली में विस्तार और विभाजन के समय की चुनौतियों पर चर्चा की गई है। सुनील आंबेकर ने बताया कि कैसे संघ ने समाज को सशक्त करने का कार्य किया और विभाजन के दौरान हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की। डॉक्यूमेंट्री 'दिल्ली में संघ यात्रा' के माध्यम से संघ के इतिहास और योगदान को दर्शाया गया है। जानें इस महत्वपूर्ण यात्रा के बारे में और संघ के कार्य की निरंतरता के बारे में।
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दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यात्रा: एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ gyanhigyan

दिल्ली में संघ का विस्तार

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि 1942 से 1947 के बीच दिल्ली और पूरे पंजाब में संघ का तेजी से विस्तार हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग संघ से जुड़े और कार्य करने लगे, लेकिन देश के विभाजन के समय संघ की शक्ति इतनी नहीं थी कि विभाजन को रोका जा सके। यह जानकारी उन्होंने 22 मई 2026 को इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र द्वारा प्रस्तुत डाक्यूमेंट्री “दिल्ली में संघ यात्रा” के प्रदर्शन के दौरान साझा की। 


संघ की भूमिका और बलिदान

आंबेकर ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री में दिखाया गया है कि विभाजन के बाद श्री गुरुजी का निर्देश था कि नए पाकिस्तान में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस कार्य में अनगिनत स्वयंसेवकों ने बलिदान दिया और कई लोग कष्ट सहन करते रहे। विस्थापितों के लिए कई कैंप स्थापित किए गए, जहां लाखों लोग रहे। अगस्त 1947 के पहले पखवाड़े में जब सभी लोग उथल-पुथल में थे, तब श्री गुरुजी कराची में थे और स्वयंसेवकों को मार्गदर्शन कर रहे थे।


संघ का उद्देश्य

आंबेकर ने यह भी कहा कि यदि संघ के संस्थापक डॉक्टर हेडगेवार को राजनीति करनी होती, तो वे एक नया राजनीतिक दल बना सकते थे। लेकिन उनका उद्देश्य समाज को सशक्त करना और सांस्कृतिक जागरण करना था, इसलिए उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। संघ का लक्ष्य समाज की सेवा और उत्थान करना है, ताकि राष्ट्र आत्मविश्वास के साथ खड़ा हो सके।


दिल्ली में संघ का इतिहास

सुनील आंबेकर ने बताया कि दिल्ली में संघ का कार्य प्रारंभिक काल में ही शुरू हुआ था। डॉक्टर हेडगेवार के समय में ही संघ का कार्य दिल्ली में प्रारंभ हुआ, जिससे संघ के 100 साल के इतिहास में दिल्ली का योगदान महत्वपूर्ण है।


संघ कार्य की निरंतरता

इस अवसर पर दिल्ली प्रांत संघचालक डॉ अनिल अग्रवाल ने संघ कार्य की निरंतरता और अनुकूलनशीलता पर जोर दिया।


डॉक्यूमेंट्री का महत्व

रीतेश अग्रवाल ने कहा कि इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र द्वारा प्रस्तुत यह डॉक्यूमेंट्री दिल्ली में संघ के बीजारोपण से लेकर उसके विस्तार तक की कहानी को दर्शाती है। इसमें विभाजन के दर्द और संघ कार्य का चित्रण किया गया है।


साक्षात्कार और शोध

रीतेश अग्रवाल ने बताया कि इस डॉक्यूमेंट्री और विशेषांक के लिए 60 से अधिक वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साक्षात्कार लिए गए, 85 से अधिक पुस्तकों का अध्ययन किया गया और विभिन्न अभिलेखागार से सामग्री एकत्र की गई।


उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के केंद्रीय कार्यालय सचिव अशोक पोरवाल, दिल्ली प्रांत प्रचारक विशाल जी, सह कार्यवाह राजेश जी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।