दिल्ली में यातायात प्रबंधन को लेकर उपराज्यपाल का सख्त निर्देश

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने पुलिस को यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा में ढिलाई न बरतने का निर्देश दिया है। उन्होंने हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में मानसून की तैयारियों और प्रवर्तन उपायों की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि जलभराव वाले स्थानों की संख्या में कमी आई है, जिससे गाड़ियों की आवाजाही में सुधार हुआ है। बैठक में यातायात नियमों के उल्लंघन पर जागरूकता कार्यक्रम की भी जानकारी दी गई। जानें इस बैठक में और क्या निर्णय लिए गए हैं।
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यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा पर जोर

नई दिल्ली, 7 अगस्त: दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को पुलिस को यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों के लिए सुचारू यातायात व्यवस्था एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता है, जिस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस के प्रमुख अनुराग कुमार, विशेष आयुक्त (यातायात), संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) और पुलिस उपायुक्त (यातायात) के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें 29 जून को हुई पिछली बैठक के निर्देशों के कार्यान्वयन की समीक्षा की गई।


मानसून की तैयारियों और प्रवर्तन उपायों की समीक्षा

उपराज्यपाल ने प्रवर्तन उपायों, मानसून की तैयारियों और स्वतंत्रता दिवस से पहले यातायात प्रबंधन की स्थिति का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि मानसून के दौरान (5 अगस्त तक) दिल्ली में जलभराव वाले स्थानों की संख्या घटकर 65 रह गई है, जबकि 2024 में यह संख्या 194 और 2025 में 169 थी। बार-बार जलभराव वाले स्थानों की संख्या भी घटकर 20 रह गई है, जो 2024 और 2025 में 53 थी।


यातायात जाम में कमी और प्रवर्तन में वृद्धि

इससे गाड़ियों की आवाजाही में सुधार हुआ है। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, यातायात जाम से संबंधित हेल्पलाइन पर आने वाली कॉल की संख्या जुलाई 2026 में घटकर 572 हो गई, जो जुलाई 2025 में 701 थी। इसी अवधि में सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की संख्या भी घटकर 1,653 हो गई, जबकि पिछले वर्ष यह 1,792 थी। उपराज्यपाल को बताया गया कि गलत दिशा में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई में 113 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।


अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई में वृद्धि

पिछले साल 31 जुलाई तक 1,64,365 कार्रवाई की गई थी, जबकि इस साल समान अवधि में यह आंकड़ा बढ़कर 3,51,523 हो गया है। इस साल 8 अप्रैल से 31 जुलाई के बीच गलत दिशा में गाड़ी चलाने के गंभीर मामलों में 2,321 प्राथमिकियां भी दर्ज की गई हैं। अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जहां 31 जुलाई तक 15,36,944 चालान जारी किए गए।


यातायात नियमों के उल्लंघन पर जागरूकता कार्यक्रम

यातायात पुलिस द्वारा जारी किए गए चालानों की संख्या 54.23 लाख से बढ़कर 56.45 लाख हो गई है। बयान के अनुसार, यातायात और स्थानीय पुलिस की संयुक्त गश्त के तहत सड़कों से 399 अतिक्रमण हटाए गए और अवैध पार्किंग के 1,915 मामलों में कार्रवाई की गई। बैठक में हाल ही में शुरू किए गए 'ट्रैफिक पाठशाला' कार्यक्रम की जानकारी भी दी गई, जिसके तहत 710 चौराहों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 17,400 से अधिक लोगों को सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया।