दिल्ली में प्रेम संबंधों के चलते पति की हत्या का मामला

दिल्ली में एक महिला ने अपने पति की हत्या अपने देवर से करवाई, जिसके बाद शव को नाले में फेंक दिया गया। यह मामला तब सामने आया जब महिला ने पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच में पता चला कि महिला का प्रेमी एक आपराधिक पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति है। इस घटना में कई चौंकाने वाले मोड़ हैं, जैसे कि मोबाइल फोन के जरिए हत्या का राज खुलना। जानिए इस दिलचस्प मामले की पूरी कहानी।
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दिल्ली में प्रेम संबंधों के चलते पति की हत्या का मामला

दिल्ली में हत्या की साजिश का खुलासा

दिल्ली में प्रेम संबंधों के चलते पति की हत्या का मामला


दिल्ली, एक बार फिर एक महिला और उसके प्रेमी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामला यह है कि इस महिला ने अपने पति की हत्या अपने ही देवर से करवाई और फिर शव को नाले में फेंक दिया। आइए जानते हैं इस घटना का पूरा विवरण।


यह घटना दिल्ली के अलीपुर की है। सोनिया को 15 साल की उम्र में प्रीतम से प्यार हुआ था और दोनों ने परिवार की इच्छा के खिलाफ शादी कर ली। उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें एक 16 वर्षीय बेटा और दो बेटियां शामिल हैं।


शादी के बाद नए प्रेम में पड़ना
17 साल की शादी के बाद सोनिया को 28 वर्षीय रोहित से प्यार हो गया, जो एक टैक्सी ड्राइवर है और उसका आपराधिक इतिहास भी है। इसके बावजूद, सोनिया और रोहित के बीच अवैध संबंध जारी रहे। दोनों शादी करने की योजना बना रहे थे, जिसके चलते उन्होंने प्रीतम को खत्म करने की साजिश रची।


देवर की मदद से हत्या
पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक अन्य आरोपी विजय, जो सोनिया का देवर है, फरार है। उसने 50 हजार रुपये की सुपारी लेकर प्रीतम की हत्या की। हत्या के बाद, विजय ने सोनिया को इंस्टाग्राम पर प्रीतम के शव का वीडियो और फोटो भेजकर पैसे मांगे। इसके बाद सोनिया ने अपने पति का ऑटो बेचकर विजय को पैसे दिए।


पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट
सोनिया ने 20 जुलाई को अलीपुर थाने में प्रीतम की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें उसने कहा कि उसका पति बाहर गया था और वापस नहीं आया। पुलिस ने इसे सामान्य गुमशुदगी मान लिया। जांच के दौरान, पुलिस को प्रीतम के मोबाइल नंबर का पता चला, जो सोनीपत में इस्तेमाल हो रहा था। इससे पुलिस रोहित तक पहुंची। पूछताछ में रोहित ने शुरुआत में झूठ बोला, लेकिन बाद में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।


मोबाइल से खुला हत्या का राज
रोहित ने बताया कि 20 जुलाई को ही प्रीतम की हत्या करवाई गई थी। सोनिया ने सबूत मिटाने के लिए प्रीतम का मोबाइल फेंकने के लिए दिया था, लेकिन उसने मोबाइल की सिम निकालकर फोन अपने पास रख लिया। कुछ दिन बाद, उसने अपनी सिम डालकर फोन चालू कर लिया, जिससे हत्या का मामला खुल गया।