दिल्ली में पैलेट गन विवाद: CRPF प्रमुख का सुरक्षाकर्मियों को समर्थन
CRPF प्रमुख का बयान
दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के उपयोग को लेकर बढ़ते विवाद के बीच, सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स (CRPF) के प्रमुख ने सुरक्षाकर्मियों का समर्थन किया। उन्होंने उन्हें बिना किसी डर के अपनी ड्यूटी निभाने के लिए प्रेरित किया। CRPF के डायरेक्टर जनरल ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने एक सम्मान समारोह में कहा कि वे सभी कार्यों की ज़िम्मेदारी स्वयं लेंगे।
ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि निडर होकर अपने कर्तव्यों का पालन करते रहें। जहाँ भी ज़िम्मेदारी लेने की आवश्यकता होगी, वे उसे लेंगे। NEET-UG पेपर लीक विवाद के चलते हो रहे प्रदर्शनों के बीच, 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च का आयोजन किया था। इस दौरान हिंसा भड़क गई, जिससे जंतर-मंतर और उसके आस-पास कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पें हुईं।
हंगामे की स्थिति
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस हंगामे में 65 से अधिक प्रदर्शनकारी और 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर प्लास्टिक पेलेट्स के इस्तेमाल का मामला बाद में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया, जब यह सामने आया कि कई प्रदर्शनकारियों को गंभीर चोटें आई थीं। एक रिपोर्ट के अनुसार, CRPF की आंतरिक जांच में पता चला कि 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान रैपिड एक्शन फ़ोर्स (RAF) के एक जवान ने पेलेट गन से सात राउंड फ़ायर किए, जिनमें से पांच पेलेट प्रदर्शनकारियों को लगे।
इस मार्च के दौरान पेलेट गन से लगी चोटों के कारण कम से कम तीन प्रदर्शनकारियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह मार्च तब हिंसक हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की।
