दिल्ली में पेशाब और मूत्राशय की समस्याओं के लिए नई जांच सुविधा का उद्घाटन

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पेशाब और मूत्राशय से जुड़ी समस्याओं के लिए Centre for Advanced Bladder Diagnostics की शुरुआत की गई है। इस नई सुविधा में Video Urodynamics और NIRS आधारित ब्रेन मैपिंग का संयोजन किया गया है, जिससे चिकित्सकों को मरीजों की समस्याओं को समझने में मदद मिलेगी। हर साल लगभग 5,000 मरीजों को इस सुविधा से लाभ मिलने की उम्मीद है। जानें इस तकनीक के कार्य करने के तरीके और इसके लाभ के बारे में।
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नई जांच सुविधा का उद्घाटन


दिल्ली के VMMC और सफदरजंग अस्पताल में पेशाब और मूत्राशय से संबंधित जटिल समस्याओं की जांच के लिए एक नई सुविधा की शुरुआत की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 3 सितंबर 2026 को अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में Centre for Advanced Bladder Diagnostics का उद्घाटन किया। इस केंद्र में ब्लैडर की कार्यप्रणाली की जांच के साथ-साथ ब्रेन मैपिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में इस तरह का संयोजन पहली बार पेश किया जा रहा है।


ब्लैडर मैपिंग क्या है?

ब्लैडर, जो मूत्राशय के रूप में जाना जाता है, हमारे शरीर में पेशाब को कुछ समय के लिए संग्रहित करने और फिर उसे बाहर निकालने का कार्य करता है। इस प्रक्रिया में केवल ब्लैडर ही नहीं, बल्कि नसों और मस्तिष्क की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।


सफदरजंग अस्पताल में शुरू की गई नई सुविधा में Video Urodynamics (VUDS) को Near Infrared Spectroscopy (NIRS) आधारित ब्रेन मैपिंग के साथ जोड़ा गया है। इससे चिकित्सक ब्लैडर के कार्य करने के तरीके के साथ-साथ यह भी देख सकते हैं कि ब्लैडर के भरने और खाली होने के दौरान मस्तिष्क में रक्त के ऑक्सीजन स्तर में क्या परिवर्तन हो रहे हैं।


यह तकनीक कैसे कार्य करती है?

इस तकनीक में Video Urodynamics के माध्यम से ब्लैडर की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया जाता है। वहीं, NIRS आधारित ब्रेन मैपिंग के जरिए ब्लैडर की गतिविधि के दौरान मस्तिष्क में होने वाले ऑक्सीजन संबंधी परिवर्तनों का अवलोकन किया जाता है।


इससे चिकित्सकों को यह समझने में सहायता मिल सकती है कि मरीज की समस्या मुख्य रूप से ब्लैडर से संबंधित है, न्यूरोलॉजिकल कारणों से है या दोनों का संयोजन है।


किसे होगा लाभ?

यह सुविधा विशेष रूप से उन मरीजों के लिए लाभकारी हो सकती है जिनकी पेशाब से जुड़ी समस्याएं जटिल हैं या जिनमें न्यूरोलॉजिकल कारणों की संभावना होती है।


स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, उम्र बढ़ने, रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्याओं और कुछ न्यूरोलॉजिकल स्थितियों में ब्लैडर के सामान्य कार्य पर प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे मामलों में ब्लैडर की कार्यप्रणाली और उससे जुड़े तंत्रिका तंत्र की गतिविधि को एक साथ समझना उपचार की योजना बनाने में मदद कर सकता है।


प्रत्येक वर्ष 5,000 मरीजों को लाभ

Centre for Advanced Bladder Diagnostics से हर साल लगभग 5,000 मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य जटिल यूरोलॉजिकल समस्याओं के लिए बेहतर और विस्तृत डायग्नोस्टिक सुविधाएं प्रदान करना है।


सरकारी अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से ऐसे मरीजों को भी उन्नत जांच की सुविधा मिलेगी, जिन्हें जटिल ब्लैडर या न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के कारण विशेष मूल्यांकन की आवश्यकता होती है।


अन्य नई सुविधाएं

सफदरजंग अस्पताल में ब्लैडर डायग्नोस्टिक्स सेंटर के साथ-साथ PET-CT और SPECT-CT सुविधाओं का भी उद्घाटन किया गया है।


PET-CT का उपयोग कैंसर की जांच, बीमारी की स्थिति का आकलन, उपचार की योजना और फॉलो-अप जैसी आवश्यकताओं में किया जा सकता है। वहीं, SPECT-CT हृदय, किडनी, एंडोक्राइन, हड्डियों और पाचन तंत्र से जुड़ी कई स्थितियों की जांच में मदद कर सकता है।


इन नई न्यूक्लियर मेडिसिन सेवाओं से हर साल लगभग 600 से 700 मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद है।


मरीजों को क्या लाभ होगा?

नई तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह है कि चिकित्सकों को ब्लैडर की समस्याओं को समझने के लिए पहले से अधिक विस्तृत जानकारी प्राप्त हो सकती है। विशेषकर उन मामलों में जहां सामान्य जांच से समस्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पाता, ब्लैडर कार्यप्रणाली और मस्तिष्क गतिविधि से संबंधित जानकारी उपयोगी हो सकती है।


हालांकि, किसी भी जांच की तरह इसका उपयोग मरीज की स्थिति और चिकित्सक की सलाह के अनुसार किया जाएगा। हर पेशाब संबंधी समस्या में इस तरह की उन्नत जांच की आवश्यकता नहीं होती।


क्या यह हर बीमारी का इलाज है?

नहीं। Bladder Mapping एक डायग्नोस्टिक सुविधा है, जो अपने आप में इलाज नहीं है। इसका उद्देश्य समस्या के कारण और ब्लैडर की कार्यप्रणाली को बेहतर तरीके से समझने में चिकित्सकों की सहायता करना है। इसके बाद मरीज की स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ आगे की जांच या उपचार तय कर सकते हैं।


निष्कर्ष

सफदरजंग अस्पताल में शुरू हुआ Centre for Advanced Bladder Diagnostics यूरोलॉजी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नई सुविधा है। Video Urodynamics को NIRS आधारित ब्रेन मैपिंग से जोड़कर चिकित्सकों को ब्लैडर और न्यूरोलॉजिकल सिस्टम के बीच संबंध को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सकती है।


सरकार के अनुसार, भारत में इस तरह का संयोजन पहली बार आजमाया जा रहा है और सेंटर से सालाना लगभग 5,000 मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद है।