दिल्ली में पुरानी इमारतों की सुरक्षा पर सवाल, दो घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

दिल्ली में हाल ही में हुई दो घटनाओं ने पुरानी इमारतों की सुरक्षा और अग्निशामक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। न्यू उस्मानपुर में एक छत गिरने से एक दंपत्ति की मौत हो गई, जबकि उनका बच्चा सुरक्षित बच गया। वहीं, राजौरी गार्डन में आग लगने से दो महिलाओं और एक बच्ची ने साड़ी का सहारा लेकर अपनी जान बचाई। इन घटनाओं ने राजधानी के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
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दिल्ली में दो घटनाओं ने सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल

रविवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दो अलग-अलग घटनाओं ने पुरानी इमारतों की सुरक्षा और अग्निशामक तैयारियों पर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न की हैं। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू उस्मानपुर क्षेत्र में एक छत गिरने से एक दंपत्ति की दुखद मृत्यु हो गई, जबकि उनका छोटा बेटा सुरक्षित बच गया। दूसरी ओर, पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन में एक चार मंजिला इमारत में आग लगने से दो महिलाओं और एक तीन साल की बच्ची ने साड़ी का सहारा लेकर अपनी जान बचाई। इन घटनाओं ने दिल्ली के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पुरानी इमारतों की मजबूती और आग से निपटने की तैयारियों को लेकर चिंता को फिर से बढ़ा दिया है.


न्यू उस्मानपुर में छत गिरने की घटना

पुलिस के अनुसार, यह घटना न्यू उस्मानपुर थाना क्षेत्र के जेपी नगर में रात लगभग 10 बजे हुई। एक मंजिल वाले घर की छत का स्लैब अचानक गिर गया, जिससे दंपत्ति मलबे के नीचे दब गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। पीड़ितों को मलबे से निकालकर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के समय घर के अंदर मौजूद दंपत्ति का बच्चा सुरक्षित बच गया.


मृतकों की पहचान

मृतकों की पहचान 32 वर्षीय टिंकू और उनकी 30 वर्षीय पत्नी उर्मिला के रूप में हुई है। यह हादसा गनवारी एक्सटेंशन में हंसराज डेयरी के पास किराए के मकान में हुआ, जहां यह दंपत्ति निवास कर रहा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टिंकू मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इटावा का निवासी था और दिल्ली में हलवाई का काम करता था। पुलिस ने बताया कि छत का स्लैब गिरने का सही कारण अभी तक ज्ञात नहीं हो पाया है और मामले की जांच जारी है. अधिकारियों ने बताया कि इमारत एक मंजिल की थी, यदि यह बहुमंजिला होती, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी.


राजौरी गार्डन में आग लगने की घटना

एक अन्य घटना में, रविवार शाम को राजौरी गार्डन की चार मंजिला रिहायशी इमारत में आग लग गई, जिसमें तीन लोग (एक तीन साल की बच्ची भी शामिल थी) सुरक्षित बच गए। दिल्ली फायर सर्विस के एक अधिकारी के अनुसार, हरि नगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में स्थित एक इमारत में आग लगने की सूचना शाम लगभग 4:10 बजे मिली। मौके पर पांच फायर टेंडर भेजे गए और शाम लगभग 4:40 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया.


साड़ी का सहारा लेकर बची जानें

फायरफाइटर्स के पहुंचने से पहले, 62 और 32 साल की दो महिलाओं और एक तीन साल की बच्ची ने साड़ी को रस्सी की तरह इस्तेमाल करके दूसरी मंजिल से नीचे उतरकर धुएं से भरी इमारत से सुरक्षित बाहर निकलने में सफलता प्राप्त की। DFS अधिकारियों ने बताया कि आग बेसमेंट में बने एक शाफ्ट में लगी थी, जहां काफी मात्रा में कचरा जमा था। आग की लपटें और घना धुआं लगभग 300 वर्ग गज में बनी इस रिहायशी इमारत की पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल के कुछ हिस्सों तक फैल गया था.