दिल्ली में दिवाली से पहले वायु प्रदूषण की चिंता बढ़ी, AQI 450 तक पहुंचा
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति
दिवाली के आगमन से पहले, दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण ने लोगों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। राजधानी की वायु गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है, और कई क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। 3 नवंबर को दिल्ली का औसत AQI लगभग 331 था, जबकि जहांगीरपुरी में यह 449 तक पहुंच गया। ऐसे में प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीदें फिलहाल कम हैं।
कई क्षेत्रों में AQI 400 के पार
दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। जहांगीरपुरी में AQI 449, रोहिणी में 429, पंजाबी बाग में 424, अलीपुर में 413 और विवेक विहार में 410 दर्ज किया गया। नरेला में भी AQI 406 तक पहुंच गया है, जबकि नोएडा के सेक्टर-62 में यह 404 है।
GRAP-2 का कार्यान्वयन और सख्ती
बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण को लागू किया है। इसके अंतर्गत सड़कों की मैकेनिकल सफाई, पानी का छिड़काव और प्रदूषण वाले हॉटस्पॉट पर विशेष अभियान चलाए जाएंगे। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण भी बढ़ाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, निजी वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क में वृद्धि और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के उपाय किए जा रहे हैं। जहां संभव हो, लोगों को वर्क फ्रॉम होम अपनाने की सलाह भी दी गई है।
दिल्ली की हवा बिगड़ने के कारण
प्रदूषण में वृद्धि के पीछे मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां भी एक महत्वपूर्ण कारण हैं। हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो रहे हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण भी हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहा है।
AQI की श्रेणियाँ और स्वास्थ्य पर प्रभाव
CPCB के मानकों के अनुसार, 301 से 400 के बीच AQI को 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' श्रेणी में रखा जाता है। गंभीर स्तर की हवा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। ऐसे मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
दिवाली के नजदीक आने के कारण प्रदूषण को लेकर चिंता और बढ़ गई है। आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता मौसम और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर निर्भर करेगी।
