दिल्ली में तोड़फोड़ पर ओवैसी की कड़ी प्रतिक्रिया, वक्फ संपत्ति के नुकसान का आरोप

दिल्ली में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास एमसीडी द्वारा की गई तोड़फोड़ पर असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने वक्फ संपत्ति के नुकसान और प्रक्रियात्मक खामियों का आरोप लगाया। ओवैसी ने कहा कि दिल्ली वक्फ बोर्ड को इस मामले में पक्षकार बनाना चाहिए था। तोड़फोड़ के दौरान हुई हिंसा के बारे में भी जानकारी दी गई है, जिसमें पुलिस पर पत्थरबाजी की घटनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, ओवैसी ने उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न मिलने पर भी चिंता जताई।
 | 
दिल्ली में तोड़फोड़ पर ओवैसी की कड़ी प्रतिक्रिया, वक्फ संपत्ति के नुकसान का आरोप

ओवैसी ने तोड़फोड़ की कार्रवाई की आलोचना की

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को तुर्कमान गेट के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के समीप दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा की गई तोड़फोड़ की तीखी निंदा की। उन्होंने इस कार्रवाई में प्रक्रियात्मक खामियों और वक्फ संपत्ति के नुकसान का आरोप लगाया। ओवैसी ने कहा कि यह पूरी भूमि वक्फ की है, और 12 नवंबर को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले पर हैरानी जताई। उन्होंने बताया कि अदालत में RSS से जुड़े सेव इंडिया फाउंडेशन द्वारा याचिका दायर की गई थी, लेकिन वक्फ को इस मामले में पक्षकार नहीं बनाया गया।


वक्फ बोर्ड की भूमिका पर सवाल

ओवैसी ने आगे कहा कि दिल्ली वक्फ बोर्ड को इस मामले में पक्षकार बनाना चाहिए था और उन्हें अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि अदालत ने गलत निर्णय लिया है। ओवैसी ने यह भी बताया कि भूमि विवाद की जड़ें ऐतिहासिक हैं, और 1947 में यह स्थान एक मस्जिद था। उन्होंने 1991 के पूजा स्थल अधिनियम का उल्लंघन होने का आरोप लगाया और कहा कि वक्फ को नुकसान हुआ है। उन्होंने दिल्ली वक्फ बोर्ड से सर्वोच्च न्यायालय में जाकर सभी तथ्यों को प्रस्तुत करने और यथास्थिति बहाल करने की अपील की।


तोड़फोड़ के दौरान हुई हिंसा

दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद, 7 जनवरी, 2026 की सुबह, एमसीडी ने फैज-ए-इलाही मस्जिद और आसपास के अतिक्रमित क्षेत्रों में तोड़फोड़ का अभियान चलाया। इस दौरान पत्थरबाजी की घटनाएं भी हुईं। दिल्ली पुलिस ने बताया कि लगभग 25-30 लोगों ने पुलिस और एमसीडी अधिकारियों पर पत्थर फेंके, जिसके बाद पांच लोगों को हिरासत में लिया गया। डीसीपी (सेंट्रल) निधिन वलसन ने कहा कि पांच पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बताया कि इससे पहले स्थानीय हितधारकों के साथ बैठकें की गई थीं, लेकिन कुछ उपद्रवियों ने शांति भंग करने का प्रयास किया।


ओवैसी की जमानत पर टिप्पणी

ओवैसी ने उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "यह आश्चर्यजनक और चौंकाने वाला है कि इन दोनों को जमानत नहीं मिली है।" यह टिप्पणी तब आई जब सर्वोच्च न्यायालय ने अन्य आरोपियों को जमानत दी, जबकि खालिद और इमाम को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में राहत देने से इनकार कर दिया।