दिल्ली में तीन साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न पर राजनीतिक हलचल
दिल्ली में यौन उत्पीड़न का मामला
दिल्ली के जनकपुरी में एक निजी स्कूल में तीन वर्षीय बच्ची के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न की घटना ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने इस गंभीर मामले पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू से मिलने का निर्णय लिया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह उपराज्यपाल से मुलाकात का समय मांगेंगे ताकि बच्ची को न्याय दिलाने के लिए सख्त कदम उठाए जा सकें।
संजय सिंह ने बताया कि वह उपराज्यपाल को पत्र लिखकर बैठक के लिए समय मांगेंगे और उनके साथ एक प्रतिनिधिमंडल भी जाएगा। उनका उद्देश्य बच्ची के लिए न्याय सुनिश्चित करना और मामले में जवाबदेही तय करने के उपायों पर चर्चा करना है। यदि उपराज्यपाल समय नहीं देते हैं, तो पार्टी आगे की रणनीति तय करेगी।
यह बयान उस समय आया है जब पार्टी के दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने महिला पार्षदों और कार्यकर्ताओं के साथ राज निवास के बाहर इस घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने का निर्णय लिया, यह कहते हुए कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई थी। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया।
हालांकि, पुलिस ने कहा कि राज निवास के पास सुरक्षा कारणों से प्रदर्शनकारियों को हटाया गया। यह मामला एक मई को जनकपुरी के एक निजी स्कूल में तीन साल की बच्ची के साथ बलात्कार के आरोप से संबंधित है। घटना के बाद स्कूल के 57 वर्षीय केयरटेकर को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन अदालत ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया। पुलिस ने बताया कि स्कूल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
